लीडरशिप में बड़ा बदलाव
Polycab India Limited ने अपनी लीडरशिप टीम में बड़े फेरबदल किए हैं। कंपनी ने अपने B2C, EPC और टेलीकॉम बिज़नेस यूनिट्स के लिए नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर्स (CEOs) नियुक्त किए हैं। ये नियुक्तियां 6 मई 2026 से लागू होंगी, जो कंपनी की आगे की रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
कंपनी ने श्री ईश्वरविंदर खुराना को B2C ऑपरेशंस का CEO, श्री हेतल शाह को EPC का CEO और श्री आशीष डी. जैन को टेलीकॉम का CEO बनाया है। इसके अलावा, श्री राकेश तलाटी अब ऑपरेशंस की देखरेख के लिए डायरेक्टर (नॉन-बोर्ड मेंबर) और चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर (COO) का पद संभालेंगे। श्री रितेश अरोड़ा प्रेसिडेंट & चीफ डिजिटल ऑफिसर और श्री राकेश राजपूत प्रेसिडेंट और हेड ऑफ B2B सेल्स (नॉर्थ और ईस्ट इंडिया) के तौर पर काम देखेंगे।
क्यों हुए ये बदलाव?
इन लीडरशिप बदलावों का मुख्य मकसद Polycab के विभिन्न बिज़नेस सेगमेंट, जिनमें वायर्स, केबल्स और फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) शामिल हैं, में खास रणनीतियां (focused strategies) लागू करना और उनके एग्जीक्यूशन को बेहतर बनाना है। B2C, EPC और टेलीकॉम के लिए अलग-अलग CEO नियुक्त करने से हर सेगमेंट में विशेष विकास को बढ़ावा मिलेगा, परिचालन दक्षता (operational efficiency) बढ़ेगी और कंपनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी, खासकर नए चीफ डिजिटल ऑफिसर की भूमिका के साथ।
Polycab India, भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड वायर और केबल मैन्युफैक्चरर होने के साथ-साथ FMEG मार्केट का भी एक बड़ा प्लेयर है। कंपनी के ऑपरेशंस में वायर्स एंड केबल्स (W&C), FMEG और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) शामिल हैं।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
कंपनी के लिए एक अहम चिंता का विषय टैक्स से जुड़ा मामला रहा है। 2023 के अंत में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लगभग ₹1,000 करोड़ की अघोषित कैश बिक्री (unaccounted cash sales) और टैक्स चोरी के अन्य तरीकों का आरोप लगाते हुए सर्च (searches) की थी। Polycab ने इन आरोपों का खंडन किया है और जांच में सहयोग का वादा किया है। अप्रैल 2026 में, इन ऑपरेशंस से संबंधित ₹1,400 करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस (tax demand notice) जारी किए गए थे।
निवेशक और बाज़ार विश्लेषक अब नए नियुक्त नेताओं के नेतृत्व में लागू की जाने वाली नई रणनीतियों, इन बदलावों के कंपनी के ऑपरेशंस में एकीकरण और टैक्स विभाग के डिमांड नोटिस से संबंधित किसी भी आगे के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखेंगे।
