इंफ्रास्ट्रक्चर में Polycab की धांसू एंट्री
Polycab India Limited ने Polycon Infra Projects Private Limited (PIPPL) नाम से अपनी नई पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी का गठन किया है। यह इकाई 24 अप्रैल, 2026 को रजिस्टर हुई और इसे ₹1 करोड़ की ऑथोराइज्ड कैपिटल और ₹10 लाख के पेड-अप कैपिटल के साथ शुरू किया गया है। PIPPL का मुख्य फोकस पावर डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन और टेलीकॉम जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर रहेगा।
EPC सेगमेंट में रणनीतिक विस्तार
यह रणनीतिक कदम Polycab को EPC सेक्टर में अपनी मौजूदगी और क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। एक समर्पित इकाई के गठन से प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की एफिशिएंसी बढ़ेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करने में आसानी होगी। कंपनी का लक्ष्य इस विस्तार से नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स खोलना है।
Polycab का EPC ट्रैक रिकॉर्ड
Polycab India, भारत के वायर और केबल मार्केट में एक लीडिंग नाम है। कंपनी का पहले से ही एक स्थापित EPC डिवीजन है, जो पावर डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन के लिए टर्न-की प्रोजेक्ट्स संभालता है। कंपनी ने BharatNet जैसे सरकारी प्रोजेक्ट्स में भी अपनी EPC एग्जीक्यूशन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
नई इकाई का प्रभाव
PIPPL के गठन से Polycab को EPC प्रोजेक्ट्स को डेडिकेटेड तरीके से एग्जीक्यूट करने का मौका मिलेगा। इससे कंपनी पावर और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े और विशेष प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेगी। यह कंपनी के कोर वायर, केबल और FMEG बिजनेस के अलावा डायवर्सिफाइड रेवेन्यू सोर्स भी प्रदान करेगा।
वित्तीय स्थिति और ऑर्डर बुक
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में Polycab India ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू ₹224,083 मिलियन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 24% ज्यादा है। वहीं, EBITDA 19% बढ़कर ₹29,602 मिलियन हो गया। कंपनी की EPC बिजनेस के लिए एक मजबूत ओपन ऑर्डर बुक भी है, जो लगभग ₹70 अरब की है और अगले तीन सालों में पूरी होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
निवेशक नई सब्सिडियरी PIPPL द्वारा शुरू किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स की गति और पैमाने पर नज़र रखेंगे। PIPPL के रेवेन्यू में योगदान और Polycab के कुल वित्तीय प्रदर्शन पर इसके प्रभाव जैसे मेट्रिक्स पर नजर रखी जाएगी। कंपनी की नई EPC कॉन्ट्रैक्ट्स को सुरक्षित करने और सफलतापूर्वक एग्जीक्यूट करने की क्षमता पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।
