पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, Platinum Industries का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.75% बढ़कर ₹465.81 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि मुनाफा ₹51.23 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करते हुए लॉन्ग-टर्म बोरिंग को ₹43.29 मिलियन से घटाकर ₹13.63 मिलियन कर लिया है।
हालांकि, इन सकारात्मक वित्तीय आंकड़ों के बीच, एक बड़ी चिंता सामने आई है। कंपनी के स्टैचुटरी ऑडिटर ने जुलाई 2025 में एक सब्सिडियरी फैक्ट्री में लगी आग से संबंधित ₹9.82 करोड़ के इंश्योरेंस क्लेम की वसूली को लेकर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर के अनुसार, इंश्योरर (बीमा कंपनी) ने अभी तक अपनी देनदारी की पुष्टि नहीं की है, जिसके कारण इस राशि को एसेट्स के तौर पर दिखाना अनिश्चित है।
यह अनिश्चितता कंपनी की एसेट वैल्यूएशन पर असर डाल सकती है। आग की उस घटना से कंपनी को ₹5.17 मिलियन का एक खास नुकसान (exceptional loss) भी हुआ था।
Platinum Industries प्लास्टिक पाइप्स और फिटिंग्स बनाने वाली एक जानी-मानी कंपनी है, जिसने 2024 की शुरुआत में अपना IPO सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। बाजार अब इस इंश्योरेंस क्लेम के समाधान पर बारीकी से नजर रखेगा, साथ ही यह भी देखेगा कि इस मामले का कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है। बता दें कि Platinum Industries का मुकाबला Astral Ltd., Supreme Industries Ltd., और Finolex Industries Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों से है।
