निवेशकों से सीधे जुड़ने की तैयारी
कंपनी का लक्ष्य इस मंच का उपयोग इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और एनालिस्ट्स के साथ सीधे जुड़ने और अपनी मार्केट विजिबिलिटी व स्ट्रेटेजिक आउटरीच को बढ़ाने का है। यह सम्मेलन Piccadily Agro को अपने प्रदर्शन, भविष्य की योजनाओं और विकास की संभावनाओं पर जानकारी देने का एक अहम अवसर प्रदान करेगा।
एथेनॉल पर फोकस और विस्तार योजनाएँ
Piccadily Agro अपनी एथेनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने पर खास ध्यान दे रही है, जिसके लिए यह शुगर मैन्युफैक्चरिंग के बाय-प्रोडक्ट 'मोलासेस' का इस्तेमाल कर रही है। यह कदम भारत की राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी के अनुरूप है। हालिया क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) जैसे फंड जुटाने के प्रयासों से इन विस्तार योजनाओं को समर्थन मिला है।
क्या बदल सकता है कार्यक्रम?
यह भी बताया गया है कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के चलते निवेशक इंटरैक्शन में कुछ बदलाव संभव हैं।
सेक्टर में कौन हैं प्रमुख प्रतिद्वंद्वी?
शुगर और एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Piccadily Agro के प्रमुख प्रतिदंवदियों में Balrampur Chini Mills Ltd, DCM Shriram Ltd, और Triveni Engineering & Industries Ltd शामिल हैं।