Perfectpac Ltd: मुनाफे में उछाल, पर कर्ज़ का साया!
Perfectpac Ltd के वित्तीय नतीजों ने निवेशकों को मिला-जुला संकेत दिया है। जहां चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी के मुनाफे (Profit) में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है, वहीं Revenue में गिरावट और कंपनी पर बढ़ते Debt ने चिंता बढ़ा दी है।
Q4 के नतीजे क्या कहते हैं?
31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में, Perfectpac का कुल Revenue पिछले साल की समान अवधि के ₹3,168.85 लाख की तुलना में 6.29% घटकर ₹2,969.68 लाख रहा। इसके बावजूद, तिमाही Profit 12.91% बढ़कर ₹77.29 लाख हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹68.45 लाख था। इस तिमाही के लिए प्रति शेयर आय (EPS) ₹1.16 रही।
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो Revenue लगभग स्थिर रहा, जिसमें 0.17% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹11,385.76 लाख दर्ज किया गया। FY26 के लिए सालाना Profit ₹314.95 लाख रहा, जिसका EPS ₹4.73 है।
कंपनी के बोर्ड ने ₹1 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव रखा है, जो शेयर के फेस वैल्यू का 50% है।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब?
नतीजों का सबसे बड़ा आकर्षण और साथ ही सबसे बड़ी चिंता कंपनी का बढ़ता Debt है। नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current borrowings) ₹55.57 लाख से बढ़कर ₹206.25 लाख हो गई हैं, जबकि कर्रेंट बोरिंग्स (Current borrowings) ₹10.22 लाख से बढ़कर ₹130.57 लाख पर पहुंच गई हैं। कुल मिलाकर, कंपनी का कुल कर्ज़ ₹336.82 लाख हो गया है, जो कि पिछले साल की तुलना में लगभग 5 गुना ज्यादा है।
इसके अलावा, कैश और कैश इक्विवेलेंट्स (Cash and cash equivalents) में भी भारी गिरावट आई है, जो ₹144.43 लाख से घटकर ₹66.83 लाख रह गए हैं।
आगे क्या?
हालांकि सालाना Profit स्थिर रहा और कंपनी ने डिविडेंड का भी प्रस्ताव रखा है, लेकिन बढ़ते Debt और घटते कैश रिजर्व को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने Revenue को कैसे बढ़ाती है और इस बढ़ते कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है, इस पर पैनी नजर रखनी होगी।
Perfectpac भारतीय पैकेजिंग सेक्टर में Huhtamaki India Ltd, EPL Ltd और Cosmo First Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
