कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा कैसे बढ़ा?
Patel Integrated Logistics की कुल कंसोलिडेटेड इनकम में 4.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले साल के ₹345.37 करोड़ से बढ़कर ₹360.14 करोड़ हो गई है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दे दी है।
डिविडेंड में बढ़ोतरी और EPS में सुधार
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) में भी बढ़ोतरी की है। बोर्ड ने ₹0.40 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो पिछले साल के ₹0.30 प्रति शेयर से अधिक है। वहीं, बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी सुधरकर ₹1.38 हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹1.13 था। कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर ऑडिटर की रिपोर्ट भी क्लीन (unmodified) आई है, जो कंपनी के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता दर्शाती है।
इंडस्ट्री में कैसी है कंपनी की चाल?
Patel Integrated Logistics भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर में काम करती है। ई-कॉमर्स (E-commerce) की बढ़ती मांग और सरकार की 'गति शक्ति मास्टर प्लान' (Gati Shakti Master Plan) जैसी पहलों से इस सेक्टर को काफी फायदा हो रहा है।
साथियों से तुलना
FY26 में, Patel Integrated Logistics ने 4.3% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। वहीं, इसके मुकाबले Mahindra Logistics ने लगभग 8% और CONCOR ने करीब 5% रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई। लाभप्रदता (Profitability) के मामले में, Patel Integrated Logistics की 26% की प्रॉफिट ग्रोथ ने Mahindra Logistics (15%) और CONCOR (10%) को पीछे छोड़ दिया। Delhivery Ltd. ने भी FY26 में लगभग 15% रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई, लेकिन उसका मुख्य फोकस नेट प्रॉफिटेबिलिटी पर रहा।
