शानदार नतीजे और संपत्ति की बिक्री को मंजूरी
Patel Engineering के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दे दी है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रिवेन्यू ₹5,102.74 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹269.17 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में रिवेन्यू ₹5,066.56 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹296.36 करोड़ रहा।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सहयोगी कंपनी ACP Tollways Pvt Ltd में अपनी पूरी हिस्सेदारी ₹55 करोड़ में बेचने की मंजूरी दे दी है। 31 मार्च, 2026 तक इस हिस्सेदारी की बुक वैल्यू ₹26.03 करोड़ थी। ACP Tollways का नेट वर्थ ₹38.76 करोड़ था और इसने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए ₹18.84 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
बिक्री के पीछे की रणनीति
यह कदम कंपनी के लिए एक रणनीतिक संपत्ति अनुकूलन (asset optimization) का हिस्सा माना जा रहा है। अपनी बुक वैल्यू से काफी अधिक कीमत पर हिस्सेदारी बेचने से कंपनी को कैश जेनरेट करने में मदद मिलेगी और यह अपने एसोसिएट कंपनियों के पोर्टफोलियो को सुव्यवस्थित (streamline) करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी का मुख्य काम
Patel Engineering भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी है, जो बड़े पैमाने पर सुरंगों (tunnels) और बांधों (dams) जैसे प्रोजेक्ट्स में माहिर है। कंपनी पिछले कुछ सालों से अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और नए ऑर्डर हासिल करने पर ध्यान दे रही है, जिसमें 2023 के अंत में जल बुनियादी ढांचे (water infrastructure) और सुरंगों में महत्वपूर्ण जीतें शामिल हैं।
आगे क्या हो सकता है?
ACP Tollways की हिस्सेदारी की बिक्री पूरी होने के लिए सहयोगी कंपनी के लेंडर्स से ज़रूरी अप्रूवल मिलने बाकी हैं। इस ट्रांजैक्शन के मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस बिक्री से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने मुख्य कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने के लिए कर सकती है।
मार्केट में कंपनी की स्थिति
Patel Engineering का पिछले फाइनेंशियल ईयर का कंसॉलिडेटेड रिवेन्यू लगभग ₹5,102 करोड़ रहा, जो KNR Constructions (FY25 रिवेन्यू लगभग ₹3,500-4,500 करोड़) के बराबर है। PNC Infratech, जिसका FY25 रिवेन्यू ₹7,000-8,000 करोड़ और PAT ₹500-600 करोड़ था, एक बड़ी रेवेन्यू ब्रैकेट में काम करता है।
निवेशक अब लेंडर्स से अप्रूवल मिलने की प्रगति पर नज़र रखेंगे। साथ ही, कंपनी के ऑर्डर बुक और प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर मैनेजमेंट के कमेंट्स भी अहम होंगे।
