SEBI के सख्त नियमों का पालन करते हुए, शेयर बाज़ार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए, Paradeep Parivahan Limited ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने 'डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज' (Designated Employees) और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद करने का फैसला किया है।
यह फैसला 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की चौथी तिमाही और पूरे साल के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को जारी करने की तैयारी का हिस्सा है। नियमों के तहत, यह विंडो नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी।
इस 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद करने का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी के अंदरूनी लोग नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री न कर सकें, जिससे सभी निवेशकों को बराबर जानकारी मिले और बाज़ार में विश्वास बना रहे।
लॉजिस्टिक्स और पोर्ट सेवाओं में सक्रिय Paradeep Parivahan, जो पिछले साल मार्च 2025 में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी, SEBI के इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कर रही है।
यह प्रथा शेयर बाज़ार में आम है। Shipping Corporation of India, Tiger Logistics, और Patel Integrated Logistics जैसी कंपनियां भी अक्सर इसी तरह की 'ट्रेडिंग विंडो' नीतियां अपनाती हैं।
निवेशक अब बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जो FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देगी। ट्रेडिंग विंडो के दोबारा खुलने का सटीक समय नतीजों की घोषणा के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
