यूपी कैबिनेट ने दी 'जागृति प्रोजेक्ट' को हरी झंडी
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट ने Pakka Limited की महत्वाकांक्षी 'जागृति प्रोजेक्ट' को बढ़ावा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। कैबिनेट ने कंपनी के लिए एक लेटर ऑफ कंफर्ट (LOC) को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए Pakka Limited को 15 सालों तक ₹224.47 करोड़ के वित्तीय इंसेंटिव (Fiscal Incentives) मिलेंगे। ये इंसेंटिव प्रोजेक्ट के कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने के बाद से दिए जाएंगे।
सरकारी नीति का असर
यह इंसेंटिव उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, 2022 के तहत प्रदान किया जाएगा। इस मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ने 23 मार्च 2026 को फैसला लिया था, जबकि कंपनी ने 23 जुलाई 2025 को इसके लिए आवेदन किया था।
प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता पर सकारात्मक असर
यह सरकारी समर्थन 'जागृति प्रोजेक्ट' की वित्तीय व्यवहार्यता (Financial Viability) को काफी मजबूत करता है। यह इस बात का संकेत भी है कि सरकार सस्टेनेबल पैकेजिंग समाधानों को बढ़ावा दे रही है। प्रोजेक्ट के शुरुआती सालों में मिलने वाला यह वित्तीय सहारा कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
Pakka Limited और 'जागृति प्रोजेक्ट' क्या हैं?
Pakka Limited इको-फ्रेंडली और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। यह सिंगल-यूज प्लास्टिक को गन्ने की खोई (Bagasse) से बने सस्टेनेबल विकल्पों से बदलने पर काम कर रही है। 'जागृति प्रोजेक्ट' इसी दिशा में कंपनी का एक बड़ा विस्तार है, जिसका मकसद इन पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाना है।
आगे क्या?
हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये वित्तीय इंसेंटिव 'जागृति प्रोजेक्ट' के सफलतापूर्वक शुरू होने और कमर्शियल प्रोडक्शन पर निर्भर करते हैं। प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की देरी से इंसेंटिव मिलने में दिक्कत आ सकती है। निवेशकों की नजर अब प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और इंसेंटिव के पहले भुगतान पर रहेगी।
