क्यों हुआ ये नुकसान?
कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, 14 अक्टूबर, 2024 को जारी किए गए 36,00,000 फुली कन्वर्टिबल वॉरंट्स की समय सीमा 13 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो गई। इन वॉरंट्स को जारी करने के 18 महीनों की तय अवधि में इनमें से किसी भी वॉरंट को इक्विटी शेयर में कन्वर्ट कराने के लिए कोई एप्लीकेशन नहीं आई।
ये वॉरंट मुख्य तौर पर Carelian Bharat Amritkaal Fund (जिन्हें 20,50,000 वॉरंट मिले थे) और Carnelian Asset Management LLP (जिन्हें 15,50,000 वॉरंट मिले थे) को आवंटित किए गए थे। वॉरंट का इशू प्राइस ₹272 प्रति वॉरंट तय किया गया था।
कंपनी को क्या फायदा, क्या नुकसान?
इस लैप्स का सीधा मतलब यह है कि Pakka Limited अब इन वॉरंट होल्डर्स से मिली ₹24.48 करोड़ की एडवांस पेमेंट को अपने पास रख लेगी। यह रकम शुरुआत में कंपनी की वर्किंग कैपिटल और जनरल कॉर्पोरेट पर्पज़ेज़ के लिए रखी गई थी। अच्छी बात यह है कि इस घटना से कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कोई नए शेयर जारी नहीं किए गए हैं, यानी इक्विटी शेयर कैपिटल डाइल्यूट नहीं हुआ है।
हालांकि, यह स्थिति निवेशकों के इरादों या उनकी वित्तीय क्षमता पर सवाल खड़े कर सकती है, क्योंकि वे अपने वॉरंट्स को इक्विटी में बदलने में नाकाम रहे।
कंपनी और उसके बिजनेस पर एक नजर
Pakka Limited सस्टेनेबल पैकेजिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। हालांकि, इस खास सेगमेंट में सीधे लिस्टेड पीयर्स (listed peers) कम हैं, लेकिन पैकेजिंग इंडस्ट्री में Cosmo First Ltd, Polyplex Corporation Ltd, और Uflex Ltd जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, जो विभिन्न पैकेजिंग फिल्म्ज़ और सॉल्यूशंस बनाती हैं।
हालिया नतीजों की बात करें, तो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY25) में Pakka Ltd. का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹127.60 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹4.53 करोड़ दर्ज किया गया। फाइनेंशियल ईयर 2024 के अंत तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड डेट टू इक्विटी रेश्यो 0.85 और कंसोलिडेटेड करंट रेश्यो 1.20 था।