नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई ने PS IT Infrastructure & Services Ltd को कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में स्वीकार कर लिया है। यह फैसला कंपनी पर ₹3.10 करोड़ के कर्ज डिफॉल्ट के कारण लिया गया है, जिसमें ₹2.90 करोड़ मूलधन और ₹0.20 करोड़ ब्याज शामिल है।
इस प्रक्रिया के तहत, श्री रजनीश कुमार अग्रवाल को कंपनी का अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) नियुक्त किया गया है। वे अब कंपनी के मामलों का प्रबंधन करेंगे।
NCLT के आदेश के साथ ही कंपनी पर एक अनिवार्य रोक (moratorium) लागू हो गई है। इसका मतलब है कि अब कंपनी या उसकी संपत्तियों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई या वसूली का प्रयास आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि PS IT Infrastructure & Services Ltd को 29 अगस्त, 2018 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से डीलिस्ट कर दिया गया था, जो अक्सर पहले की वित्तीय या परिचालन चुनौतियों का संकेत देता है।
अब प्रबंधन का नियंत्रण IRP के हाथों में चला गया है, जो इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत काम करेगा। सबसे बड़ा जोखिम यह है कि यदि लेनदार और NCLT किसी संतोषजनक समाधान योजना (resolution plan) को मंजूरी नहीं देते हैं, तो कंपनी को परिसमापन (liquidation) का सामना करना पड़ सकता है। नई फंडिंग या पुनर्गठन की रणनीति की कमी इस प्रक्रिया को और लंबा खींच सकती है।
हालांकि PS IT Infrastructure & Services Ltd दिवालियापन की प्रक्रिया से गुजर रही है, वहीं IT इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसेज सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे टाटा एलेक्सी, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज और सोनाटा सॉफ्टवेयर अपना कारोबार बढ़ा रही हैं।
आगे की प्रमुख प्रक्रियाओं में लेनदारों की समिति (Committee of Creditors) द्वारा एक समाधान पेशेवर (Resolution Professional) की औपचारिक नियुक्ति, समाधान योजनाओं की प्रस्तुति और मूल्यांकन, और अंततः NCLT द्वारा योजना पर या परिसमापन पर अंतिम निर्णय शामिल है।
