JV sale ने कराई बंपर कमाई, पर असली पिक्चर थोड़ी अलग
PPAP Automotive ने FY26 के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.99 करोड़ से बढ़कर ₹43.19 करोड़ पर पहुंच गया। इस भारी-भरकम उछाल का श्रेय कंपनी द्वारा अपने जॉइंट वेंचर (JV) की हिस्सेदारी बेचने से हुए ₹49.79 करोड़ के एकमुश्त लाभ (one-time gain) को जाता है। वहीं, कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम में मामूली 2.39% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹568.60 करोड़ रही, जबकि चौथी तिमाही (Q4 FY26) की इनकम 18.75% बढ़कर ₹175.08 करोड़ दर्ज की गई।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर दबाव?
हालांकि, इन शानदार नंबरों के पीछे छिपी तस्वीर थोड़ी चिंताजनक है। यदि हम एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) और टैक्स से पहले के कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट को देखें, तो FY26 में यह घटकर सिर्फ ₹0.20 करोड़ रह गया, जो पिछले साल FY25 में ₹7.61 करोड़ था। यह दिखाता है कि कंपनी के मुख्य कारोबार (core operations) पर दबाव बना हुआ है और मुनाफा मुख्य रूप से एक बार के गेन पर निर्भर है।
मर्जर और रीस्ट्रक्चरिंग जारी
PPAP Automotive इस समय एक बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग से गुजर रही है। कंपनी Avinya Batteries Private Limited के साथ प्रस्तावित मर्जर (merger) पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य कंपनी के स्केल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने टूलिंग डिवीजन (Tooling Division) को स्लंप सेल (slump sale) के जरिए अलग कर दिया है, ताकि वह अपने मुख्य ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सके।
बैलेंस शीट मजबूत, शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। योग्य बॉरोइंग्स (qualified borrowings) FY25 के ₹90.71 करोड़ से घटकर FY26 में ₹66.12 करोड़ रह गई हैं। स्टैंडअलोन टोटल इक्विटी भी ₹325.18 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹356.26 करोड़ (FY26) हो गई है। शेयरधारकों को रिटर्न देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, कंपनी ने ₹1.5 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) प्रस्तावित किया है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब Avinya Batteries के साथ प्रस्तावित मर्जर की प्रगति, रेगुलेटरी अप्रूवल्स और टूलिंग डिवीजन के स्लंप सेल के बाद कंपनी के मुख्य कारोबार के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर रहेंगी।
