PGInvIT का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, अपने इन्वेस्टमेंट मैनेजर के माध्यम से, 15 मई 2026 को वित्तीय वर्ष 2026 के लिए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजे घोषित कर चुका है। नतीजों के साथ ही, बोर्ड ने चौथी तिमाही के लिए प्रति यूनिट ₹3.00 के वितरण को भी मंजूरी दी है। इस वितरण के लिए रिकॉर्ड डेट 20 मई 2026 तय की गई है, और भुगतान 27 मई 2026 तक या उससे पहले किया जाएगा।
यूनिटहोल्डर्स के लिए, यह घोषणा एक स्थिर आय का संकेत देती है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) में निवेश का एक प्रमुख आकर्षण होता है। ₹3.00 प्रति यूनिट का यह वितरण, PGInvIT की आवश्यक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से होने वाले कैश फ्लो से समर्थित है। खास बात यह है कि इस वितरण का एक हिस्सा 'कैपिटल रीपेमेंट' (पूंजी का पुनर्भुगतान) के रूप में हो सकता है, जिससे यूनिटहोल्डर्स को टैक्स के मोर्चे पर फायदा मिल सकता है।
PGInvIT, Power Grid Corporation of India Limited (PGCIL) से ट्रांसफर किए गए ऑपरेशनल पावर ट्रांसमिशन एसेट्स का संचालन करने वाला एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है। ये एसेट्स राष्ट्रीय ग्रिड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और आमतौर पर लंबी अवधि के एग्रीमेंट्स के तहत काम करते हैं। पिछले कुछ सालों से, PGInvIT ने वित्तीय वर्ष 23, 24 और 25 की चौथी तिमाही में भी प्रति यूनिट ₹3.00 का वितरण बरकरार रखा है। इसकी नेट एसेट वैल्यू (NAV) भी आम तौर पर ₹90-₹91 के दायरे में स्थिर रही है, जो एसेट वैल्यू में स्थिरता को दर्शाता है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ संभावित जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। InvITs या पावर सेक्टर टैरिफ को प्रभावित करने वाले नियामक ढांचे में बदलाव भविष्य के कैश फ्लो पर असर डाल सकते हैं। एसेट मैनेजमेंट के लिए PGCIL पर निर्भरता का मतलब है कि PGCIL का प्रदर्शन PGInvIT से सीधे जुड़ा हुआ है।
PGInvIT का मुकाबला IndiGrid जैसे अन्य प्रमुख पावर इंफ्रास्ट्रक्चर InvITs से है, जो अपने कॉन्ट्रैक्टेड एसेट्स से लगातार वितरण का लक्ष्य रखते हैं।
कुल मिलाकर, यूनिटहोल्डर्स को 27 मई 2026 तक ₹3.00 प्रति यूनिट का वितरण मिलने की उम्मीद है। भविष्य में PGCIL के प्रदर्शन और PGInvIT से जुड़े किसी भी नए एसेट पाइपलाइन में बदलाव पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।