ट्रेडिंग विंडो पर क्यों लगी रोक?
PNC Infratech Limited ने साफ किया है कि 1 अप्रैल, 2026 से शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) और तिमाही के नतीजे घोषित नहीं कर देती। नतीजे आने के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो दोबारा खुलेगी। यह कदम कंपनी के डायरेक्टर्स, ऑफिसर्स और अन्य नामित कर्मचारियों को महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारियों के सार्वजनिक होने से पहले शेयर ट्रेडिंग करने से रोकने के लिए उठाया गया है, जो कि एक स्टैंडर्ड रेगुलेटरी प्रैक्टिस (regulatory practice) है।
कंपनी की हालिया डील्स
यह इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी है, जो हाईवे, ब्रिज और एयरपोर्ट रनवे बनाने का काम करती है। हाल ही में, 27 मार्च, 2026 को PNC Infratech ने अपनी सब्सिडियरी (subsidiary) PNC Challakere (Karnataka) Highways Private Limited को Vertis Infrastructure Trust को ₹683.84 करोड़ में बेचा था। इसके अलावा, मार्च में PNC Infratech ने SEBI के टेकओवर रेगुलेशंस (takeover regulations) के तहत भी एक डिस्क्लोजर फाइल किया था।
निवेशकों को क्या देखना होगा?
फिलहाल, निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा कब करेगी, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2026 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों के जारी होने के साथ ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुल जाएगी। नतीजों में कंपनी का प्रदर्शन निवेशकों के लिए मुख्य फोकस रहेगा।
कॉम्पिटिटिव मार्केट
PNC Infratech देश के कॉम्पिटिटिव (competitive) इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में IRB Infrastructure Developers, Ashoka Buildcon, Dilip Buildcon, और KNR Constructions जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
