हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की जानी-मानी कंपनी PNB Housing Finance Ltd. के लिए आज का दिन बेहद अहम है। 20 अप्रैल 2026 को कंपनी की बोर्ड मीटिंग होने जा रही है, जिसमें पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ) के फाइनल और ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर मुहर लगेगी। इस मीटिंग का एक अहम एजेंडा यह भी है कि बोर्ड शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश पर विचार करेगा।
यह बोर्ड मीटिंग शेयरधारकों के लिए खास है, क्योंकि यह FY26 के लिए कंपनी के अंतिम वित्तीय प्रदर्शन का खाका पेश करेगी। डिविडेंड की घोषणा कंपनी की लाभ वितरण (Profit Distribution) नीति और भविष्य के प्रति उसके आत्मविश्वास को दर्शाएगी।
पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो, कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार ग्रोथ दर्ज की थी। उसका नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 28.4% की छलांग के साथ ₹1,936 करोड़ तक पहुंच गया था। वहीं, 31 मार्च 2025 तक कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13% बढ़कर ₹80,397 करोड़ दर्ज की गई थी। एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है, ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) 1.08% और नेट एनपीए (Net NPAs) 0.69% पर हैं। FY25 के लिए PNB Housing Finance ने ₹5 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की थी, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
बाजार की निगाहें अब आने वाले नतीजों और डिविडेंड पर टिकी हैं, जो कंपनी की वित्तीय सेहत और शेयरधारक रिटर्न पॉलिसी के बारे में स्पष्ट संकेत देंगे।
हालांकि, कंपनी अतीत में कुछ रेगुलेटरी जांचों से भी गुजरी है। जुलाई 2022 में SEBI के साथ Carlyle Group डील से जुड़े एक मामले को ₹72.76 लाख में निपटाया गया था। वहीं, अगस्त 2024 में तीन व्यक्तियों ने SEBI के साथ इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) मामले को ₹1.56 करोड़ में सेटल किया था।
PNB Housing Finance, LIC Housing Finance, HDFC Housing Finance और Bajaj Housing Finance जैसे दिग्गजों के बीच कॉम्पिटिटिव मार्केट में अपनी पकड़ बनाए हुए है। ऐसे में, मजबूत एसेट क्वालिटी और ग्रोथ बनाए रखना कंपनी के लिए अहम होगा।