कंपनी का अहम फैसला: ऑफिस शिफ्ट की राह आसान
शेयरधारकों ने 14 मार्च, 2026 को हुई एक मीटिंग में इस बड़े बदलाव के पक्ष में 99.9983% वोट दिया। यह फैसला कंपनी के इरादों को पुख्ता करता है कि वे अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को महाराष्ट्र से निकालकर हरियाणा ले जाना चाहते हैं। कंपनी ने 22 अप्रैल, 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इस प्रक्रिया के बारे में अपडेट किया था।
आगे की राह और जरूरी मंजूरियां
हालांकि, शेयरधारकों की हरी झंडी मिलने के बाद भी, इस शिफ्ट को मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (Ministry of Corporate Affairs) के रीजनल डायरेक्टर (Regional Director) से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। यह एक अहम रेगुलेटरी (Regulatory) प्रक्रिया का हिस्सा है।
क्रेडिटर्स (Creditors) को दी गई मोहलत
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक के रिकॉर्ड के हिसाब से अपने सभी क्रेडिटर्स को इस शिफ्ट के बारे में सूचित कर दिया है। इन क्रेडिटर्स के पास अब 10 मई, 2026 तक इस बदलाव के खिलाफ कोई भी आपत्ति या सुझाव देने का मौका है। PDS Ltd का कहना है कि यह कदम कंपनी के लक्ष्यों को पूरा करने और रेगुलेटरी (Regulatory) जरूरतों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करेगा।
क्या हो सकता है असर?
अगर यह शिफ्ट सफल होता है, तो PDS Limited का आधिकारिक रजिस्टर्ड ऑफिस अब हरियाणा में होगा। यह एक एडमिनिस्ट्रेटिव (Administrative) बदलाव है और इससे कंपनी के ग्लोबल ऑपरेशंस (Global Operations) या बिजनेस सेगमेंट्स (Business Segments) पर फौरन कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, अगर क्रेडिटर्स की तरफ से कोई महत्वपूर्ण आपत्ति आती है और उसे ठीक से नहीं संभाला गया, तो इस प्रक्रिया में कुछ देरी हो सकती है।
