फंड के इस्तेमाल के प्लान में बोर्ड की हरी झंडी
Oriental Rail Infrastructure Limited के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 27 मार्च 2026 को हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया। बोर्ड ने कंपनी द्वारा प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए पैसे को किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा, इस पर पहले बनी योजना में बदलाव को मंजूरी दी है। इस बदलाव के लिए अब शेयरहोल्डरों से नई सहमति लेना ज़रूरी होगा, जिसके लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यह बदलाव क्यों ज़रूरी है?
प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाई गई पूंजी के उपयोग के प्लान में बदलाव का मतलब है कि कंपनी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं या निवेश योजनाओं में कोई फेरबदल कर सकती है। शेयरहोल्डरों की मंजूरी किसी भी बड़े वित्तीय फैसले के लिए पारदर्शिता और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करती है। कंपनी को यह दोबारा वोटिंग करानी पड़ रही है क्योंकि शेयरहोल्डरों ने शुरू में जिन खास उद्देश्यों के लिए फंड इस्तेमाल की मंजूरी दी थी, अब उसमें बदलाव किया गया है।
क्या थी पुरानी योजना?
Oriental Rail Infrastructure Limited ने शुरुआत में प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए लगभग ₹249.99 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी। शेयरहोल्डरों ने 19 जनवरी 2024 को इसके लिए अपनी सहमति दी थी। उस समय फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की ज़रूरतों को पूरा करने, मौजूदा लोन चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट खर्चों (General Corporate Expenses) के लिए किया जाना था।
अब क्या बदलने वाला है?
बोर्ड की मंजूरी के बाद, शेयरहोल्डरों को अब संशोधित फंड आवंटन योजना पर औपचारिक पोस्टल बैलेट और रिमोट ई-वोटिंग (Remote E-Voting) के जरिए मतदान करना होगा। यह कदम एक संभावित देरी का कारण बन सकता है, अगर शेयरहोल्डरों के बीच आम सहमति नहीं बन पाती है। फंड के इस्तेमाल के विशिष्ट संशोधित उद्देश्य पोस्टल बैलेट नोटिस में विस्तार से बताए जाएंगे।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब पोस्टल बैलेट के नतीजों का इंतजार करेंगे, ताकि पता चल सके कि शेयरहोल्डर फंड के इस्तेमाल के संशोधित प्लान को मंजूरी देते हैं या नहीं। कंपनी द्वारा वोटिंग के नतीजों की घोषणा और फंड के उपयोग की नई विस्तृत जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।
