यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations का पालन करने के लिए उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद कंपनी के अंदरूनी लोगों को किसी भी अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) का गलत इस्तेमाल करने से रोकना है, ताकि शेयर बाजार में सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से बंद हो जाएगी और यह तब तक खुली नहीं रहेगी जब तक कि 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही (Q4 FY26) और पूरे fiscal year के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित नहीं हो जाते। नतीजों को मंजूरी देने के लिए बुलाई जाने वाली बोर्ड मीटिंग की तारीख की सूचना कंपनी अलग से देगी।
हालांकि, यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब Orient Press Limited खुद वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी लगातार नुकसान (persistent losses) में चल रही है और उसकी लिक्विडिटी (liquidity) पर भी दबाव है। इसी के चलते मार्च 2025 में CARE Ratings ने कंपनी की रेटिंग्स को डाउनग्रेड किया था। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए fiscal year (FY25) के लिए कंपनी का रेवेन्यू (revenue) लगभग ₹147 करोड़ था, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम था।
Orient Press, प्रिंटिंग और पैकेजिंग सॉल्यूशंस में EPL Ltd., Jindal Poly Films Ltd., Uflex Ltd., और AGI Greenpac Ltd. जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग की तारीख और Q4 FY26 के नतीजों का इंतजार रहेगा।
