क्यों लिया गया ये अहम फैसला?
Orient Paper & Industries Limited के बोर्ड ने हाल ही में हुई एक मीटिंग में अपने Amlai प्लांट से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। कंपनी अब ₹475 करोड़ की पुरानी आधुनिकीकरण (Modernization) योजना को रद्द कर रही है। इसके बजाय, यह ₹213 करोड़ का निवेश करके एक बिल्कुल नई, एडवांस टेक्नोलॉजी वाली टिश्यू मशीन स्थापित करेगी।
नई मशीन से क्या होगा?
यह नई मशीन कंपनी की टिश्यू पेपर सेगमेंट की क्षमता (Capacity) को 23,400 टन प्रति वर्ष (TPA) तक बढ़ाएगी। Amlai प्लांट की मौजूदा क्षमता 100,000 TPA है। कंपनी को उम्मीद है कि इस अपग्रेड से ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ेगी, प्रोडक्ट क्वालिटी (Product Quality) बेहतर होगी और टिश्यू पेपर मार्केट में लागत के मामले में कंपनी और मजबूत होगी।
पिछली योजना और अब का निवेश
बोर्ड द्वारा स्वीकृत नया प्रोजेक्ट, जिसमें एडवांस टेक्नोलॉजी वाली टिश्यू मशीन लगेगी, उस पर करीब ₹213 करोड़ का खर्च आएगा। यह पहले इसी तरह की मशीन के लिए सोचे गए ₹125 करोड़ के अनुमान से ज़्यादा है। लेकिन, कंपनी ने ₹475 करोड़ की जो बड़ी आधुनिकीकरण योजना मार्च 2023 में मंजूर की थी, उसे पूरी तरह से कैंसिल कर दिया है।
इंडस्ट्री का माहौल और कंपनी के सामने चुनौतियां
भारतीय पेपर इंडस्ट्री के अगले कुछ सालों में 9.8% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ने की उम्मीद है, जिसकी मुख्य वजह पैकेजिंग और शिक्षा क्षेत्र से बढ़ती मांग है। ऐसे में Orient Paper का यह कदम इंडस्ट्री की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी की तैयारी को दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। प्रोजेक्ट की लागत ₹213 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछली योजना से ज़्यादा है। साथ ही, पूरी क्षमता FY2029-30 तक ही आने की उम्मीद है, जिससे निवेश पर रिटर्न आने में देरी हो सकती है। हाल ही में, Orient Paper ने Q4 FY24 में अपने नेट लॉस (Net Loss) में बढ़ोतरी दर्ज की थी। कंपनी पर ₹3,487 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटीज़ (Contingent Liabilities) भी हैं, जो निवेशकों के लिए एक अहम पहलू है।
कॉम्पिटिशन
Orient Paper, C K Birla Group का हिस्सा है और पेपर इंडस्ट्री में ITC Limited, JK Paper Ltd., West Coast Paper Mills Ltd., और Century Pulp and Paper जैसी बड़ी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन करती है। टिश्यू पेपर सेगमेंट में Century Papers और Pudumjee इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
आगे क्या?
इस नए प्रोजेक्ट के लागू होने की उम्मीद FY2027-28 तक है, जबकि पूरी क्षमता FY2029-30 तक आने की उम्मीद है। निवेशक अब इस नई टिश्यू मशीन के इंस्टॉलेशन और परफॉरमेंस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।