Orient Green Power Company Limited (OGPL) ने 1 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि उसने अपनी सब्सिडियरी Delta Renewable Energy Private Limited (DRE) में ₹23.33 लाख का निवेश किया है। यह कैपिटल एक प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के ज़रिए डाला गया है, जिसके तहत OGPL ने 2,33,333 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस फंड का इस्तेमाल DRE द्वारा सोलर पावर कैपेसिटी (Solar Power Capacity) को विकसित करने के लिए किया जाएगा। इस ट्रांजेक्शन के बाद भी OGPL की सब्सिडियरी में हिस्सेदारी 70% पर अपरिवर्तित रहेगी।
यह निवेश OGPL की रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) पोर्टफोलियो को विंड पावर (Wind Power) से आगे बढ़ाकर सोलर एनर्जी (Solar Energy) की ओर डायवर्सिफाई (Diversify) करने की मंशा को दिखाता है। DRE में निवेश करके कंपनी भारत के क्लीन एनर्जी (Clean Energy) लक्ष्यों के अनुरूप सोलर एनर्जी एसेट्स (Solar Energy Assets) के विस्तार को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है। 70% की अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने से OGPL DRE के ग्रोथ ट्रैक (Growth Track) पर अपना स्ट्रैटेजिक कंट्रोल (Strategic Control) बरकरार रखेगी।
साल 2006 में स्थापित OGPL, ऐतिहासिक रूप से भारत और यूरोप में विंड एनर्जी (Wind Energy) जनरेशन पर फोकस करती रही है। कंपनी का सोलर पावर की ओर स्ट्रैटेजिक मूव (Strategic Move) नवंबर 2023 में Delta Renewable Energy के इनकॉर्पोरेशन (Incorporation) के साथ शुरू हुआ, जो एक्सपैंड (Expand) कर रहे सोलर सेक्टर में एक महत्वपूर्ण डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) एफर्ट (Effort) था।
निवेशकों के ध्यान देने लायक कुछ ज़रूरी बातें हैं। यह ट्रांजेक्शन रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transaction) के तौर पर क्लासिफाई (Classify) किया गया है, हालांकि कहा गया है कि यह आर्म्स लेंथ (Arms Length) बेसिस पर हुआ है। कैपिटल की तैनाती कई ट्रेंच (Tranche) में हो सकती है, जो प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) की गति को प्रभावित कर सकती है। DRE को डेवलपमेंट (Development) और एग्जीक्यूशन (Execution) से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर 17.6 MW सोलर प्रोजेक्ट के लिए चल रहे EPC कॉन्ट्रैक्ट (EPC Contract) के साथ। इसके अतिरिक्त, OGPL के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (Financial Performance) पर भी गौर करना ज़रूरी है, क्योंकि कंपनी ने दिसंबर 2025 तिमाही में ₹22.85 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया था और हाल ही में रेवेन्यू (Revenue) में गिरावट देखी गई है, जो भविष्य में फंडिंग (Funding) की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
DRE के ज़रिए OGPL का सोलर में विस्तार, भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में उसे ज़्यादा कॉम्पिटिटिव (Competitive) पोजीशन (Position) में लाने का लक्ष्य रखता है। Tata Power Company Limited और Adani Green Energy Ltd. जैसे बड़े इंडस्ट्री प्लेयर्स (Industry Players) अपनी सोलर और विंड कैपेसिटी (Wind Capacity) को आक्रामक रूप से बढ़ा रहे हैं, जबकि Suzlon Energy Limited जैसी कंपनियां विंड सेक्टर में प्रमुख बनी हुई हैं।
मार्च 2026 तक, Delta Renewable Energy ने 7 MW AC सोलर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक कमीशन (Commission) किया है और 17.6 MW AC का एक और प्रोजेक्ट डेवलप (Develop) कर रही है। OGPL ने पहले भी DRE को मार्च 2026 में ₹6.14 करोड़ और नवंबर 2025 में ₹51.33 लाख का निवेश करके सपोर्ट किया है।
निवेशकों को DRE के चालू सोलर प्रोजेक्ट्स, खासकर 17.6 MW AC कैपेसिटी के कमीशनिंग टाइमलाइन (Commissioning Timeline) पर नज़र रखनी चाहिए। वे DRE में भविष्य के किसी भी फंडिंग ट्रेंच (Funding Tranche), सब्सिडियरी के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) और OGPL की ओवरऑल फाइनेंशियल हेल्थ (Overall Financial Health) और एक्सपेंशन इनिशिएटिव्स (Expansion Initiatives) को सपोर्ट करने की उसकी क्षमता पर भी नज़र रखेंगे।
