नतीजों में शानदार उछाल
Organic Recycling Systems Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड (Consolidated) नतीजे पेश किए हैं। इस साल कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।
साल की दूसरी छमाही (Half-Yearly) में भी कंपनी का प्रदर्शन दमदार रहा। इस दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 141.53% की जबरदस्त उछाल आई और यह ₹75.06 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, हाफ-ईयरली नेट प्रॉफिट ₹12.98 करोड़ रहा।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 116.86% बढ़कर ₹105.68 करोड़ दर्ज किया गया। नेट प्रॉफिट 60.56% की मजबूती के साथ ₹25.08 करोड़ रहा। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹20.27 से बढ़कर ₹28.96 हो गया।
कंपनी के ऑडिटर ने स्टैंडअलोन (Standalone) और कंसोलिडेटेड दोनों वित्तीय बयानों पर क्लीन ऑडिट ओपिनियन (Clean Audit Opinion) दिया है।
₹1000 करोड़ का बड़ा एक्सपेंशन प्लान
कंपनी के शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) से संकेत मिलता है कि इसके वेस्ट वैलोरराइजेशन (Waste Valorisation) और बायोएनर्जी (Bioenergy) सॉल्यूशंस को मार्केट में अच्छी डिमांड मिल रही है।
ORS अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके कचरे को कीमती संसाधनों में बदलने की अपनी क्षमता से नए बिजनेस 'एग्रो वैलोरराइजेशन' (Agro Valorisation) में उतरने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ₹1,000 करोड़ का बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है। इस बड़ी प्लानिंग के तहत कंपनी करीब ₹500 करोड़ खुद निवेश करेगी।
बढ़ते कर्ज और कैपेक्स को लेकर चिंताएं
हालांकि, यह मेगा एक्सपेंशन (Mega Expansion) प्लान कई सवाल खड़े कर रहा है, खासकर कंपनी के बढ़ते कर्ज (Debt) और इक्विटी (Equity) की तुलना में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को लेकर।
मौजूदा समय में, कंपनी का कंसोलिडेटेड कर्ज ₹44.83 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹35.78 करोड़ था। नए कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ इस कर्ज में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
₹1,000 करोड़ के एक्सपेंशन प्लान के लिए कंपनी का ₹500 करोड़ का कमिटमेंट (Commitment) उसकी मौजूदा कुल इक्विटी ₹123.12 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है। इससे कंपनी के फाइनेंस पर दबाव पड़ सकता है या फिर शेयर होल्डर्स की हिस्सेदारी (Dilution) कम हो सकती है।
इसके अलावा, कंपनी के कंसोलिडेटेड खर्चे (Expenses) भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹79.20 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹31.78 करोड़ थे। प्रेफरेंस शेयर रिडेम्पशन (Preference Share Redemption) के तौर पर ₹26.21 करोड़ का भुगतान भी कैश रिजर्व पर असर डालता है।
एक और चिंता का विषय प्रमोटर होल्डिंग (Promoter Holding) का करीब 18.1% पर बना रहना है, और देनदारों से वसूली (Debtor Days) में लंबा समय लगना, जो लगभग 304 दिन है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Organic Recycling Systems (ORS) 2008 में स्थापित हुई थी और भारत के वेस्ट मैनेजमेंट और बायोएनर्जी सेक्टर में एक प्रमुख कंपनी है। कंपनी को उसके पेटेंटेड टेक्नोलॉजीज (Proprietary Technologies) के लिए जाना जाता है। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी।
यह कंपनी EMS Ltd, Antony Waste Handling Cell Ltd, Eco Recycling Ltd, और Hi-Green Carbon Ltd जैसे खिलाड़ियों के साथ कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है।
