यह कदम SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक) रेगुलेशन, 2015 का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस क्लोजर का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों को किसी भी तरह की गैर-सार्वजनिक, कीमत-संवेदनशील जानकारी के आधार पर शेयर ट्रेडिंग करने से रोका जा सके। यह ट्रेडिंग विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही फिर से खोली जाएगी।
Om Metallogic Limited एल्यूमीनियम रीसाइक्लिंग सेक्टर की एक जानी-मानी कंपनी है। यह एल्यूमीनियम स्क्रैप को विभिन्न अलॉय जैसे इनगॉट्स, क्यूब्स, शॉट्स और नॉच बार में प्रोसेस करती है। इसके उत्पाद मुख्य रूप से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में इस्तेमाल होते हैं, जो अपने स्ट्रेंथ और कोरोज़न रेजिस्टेंस के कारण इन मैटेरियल्स की काफी डिमांड करती है। कंपनी के पास ISO 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन है। हरियाणा के बल्लभगढ़ में स्थित इसके प्लांट की सालाना प्रोसेसिंग कैपेसिटी 5,280 टन है।
2011 में स्थापित, यह कंपनी जून 2023 में पब्लिक लिमिटेड बनी। सितंबर/अक्टूबर 2025 में आयोजित अपने आईपीओ (IPO) के जरिए Om Metallogic ने ₹22.35 करोड़ जुटाए थे।
हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, FY24-25 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹5,999.62 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया, जो FY23-24 के ₹3,854.50 लाख के मुकाबले एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। FY23-24 के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹221.60 लाख रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में 100.99% का जबरदस्त उछाल दर्शाता है।
Om Metallogic, एल्यूमीनियम और नॉन-फेरस मेटल्स रीसाइक्लिंग स्पेस में Hindalco Industries Ltd., National Aluminium Company Ltd., Gravita India Ltd. और Arfin India Ltd. जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
अब निवेशक कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतज़ार कर रहे हैं, जिसमें ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर और तिमाही के नतीजे घोषित किए जाएंगे। नतीजों के बाद मैनेजमेंट की कमेंट्री भी महत्वपूर्ण होगी।
