Critical Minerals रिसर्च में Oil India और CSIR-IMMT का साथ
Oil India Limited (OIL) ने 30 मार्च, 2026 को CSIR-Institute of Minerals and Materials Technology (CSIR-IMMT) के साथ एक महत्वपूर्ण एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पार्टनरशिप भारत के National Critical Mineral Mission (NCMM) के लक्ष्यों के साथ-साथ OIL की ऊर्जा क्षेत्र में diversification की रणनीति को आगे बढ़ाएगी, जिसका मकसद ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्या है इस डील में खास?
इस समझौते के तहत, CSIR-IMMT को National Critical Mineral Mission (NCMM) के तहत Critical Minerals के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (Centre of Excellence) का दर्जा मिला है। यह सहयोग Critical Minerals पर ज्वाइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देगा। यह पहल देश को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्रीय विकास के सरकारी विजन को साकार करने में मदद करेगी।
यह पार्टनरशिप क्यों अहम है?
यह पार्टनरशिप OIL के लिए पारंपरिक तेल और गैस से परे अपनी diversification रणनीति में एक बड़ा कदम है। Critical Minerals भारत के ऊर्जा परिवर्तन (energy transition), रक्षा, अंतरिक्ष और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे में देश के अंदर इनकी सप्लाई चेन को सुरक्षित करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस साझेदारी से CSIR-IMMT की रिसर्च विशेषज्ञता का इस्तेमाल Critical Mineral Assets के प्रोसेसिंग और डेवलपमेंट में सुधार के लिए किया जाएगा।
मिशन की पृष्ठभूमि
भारत ने FY 2024-25 से FY 2030-31 तक के लिए National Critical Mineral Mission (NCMM) की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य Critical Mineral सप्लाई चेन को मजबूत करना है। OIL इसी मिशन के हिस्से के तौर पर Critical Minerals में diversification की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है, क्योंकि ये Clean Energy और रणनीतिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। कंपनी पहले ही ग्रेफाइट, वैनेडियम और पोटाश जैसे खनिजों के लिए घरेलू एक्सप्लोरेशन ब्लॉक हासिल कर चुकी है। CSIR-IMMT, NCMM के तहत Critical Mineral रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए नामित सात केंद्रों में से एक है।
Oil India के लिए इसके क्या मायने हैं?
- OIL को CSIR-IMMT के मिनरल प्रोसेसिंग और रिसर्च स्टडीज के खास ज्ञान तक पहुँच मिलेगी।
- यह पार्टनरशिप OIL की नए हासिल की गई Critical Mineral Assets के लिए रिसर्च को तेज करेगी।
- यह National Critical Mineral Mission के ढांचे के भीतर OIL की स्थिति को और मजबूत करेगा।
- यह सहयोग भारत में एक मजबूत Critical Minerals सेक्टर बनाने के OIL के संकल्प को उजागर करता है।
इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ी
जहां OIL ऊर्जा और Critical Minerals में विस्तार कर रही है, वहीं अन्य कंपनियां भी नए क्षेत्रों की पड़ताल कर रही हैं। ONGC जैसे प्रतिद्वंद्वी नई ऊर्जा के क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहे हैं। Hindustan Copper Limited और IREL (India) Limited जैसी कंपनियां या तो सीधे सहयोगी हैं या Critical Minerals सेक्टर में सक्रिय भागीदार हैं, जो एक व्यापक इंडस्ट्री ट्रेंड को दर्शाता है।
मिशन के लिए फंडिंग
National Critical Mineral Mission (NCMM) के लिए FY2024-25 से FY2030-31 तक ₹16,300 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इस अवधि के दौरान पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) से अतिरिक्त ₹18,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है ताकि मिशन के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
आगे क्या?
निवेशक और स्टेकहोल्डर्स इन पर नज़र रखेंगे:
- OIL और CSIR-IMMT के बीच ज्वाइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स का शुरू होना और प्रगति।
- OIL द्वारा हासिल किए गए ब्लॉक्स के लिए मिनरल प्रोसेसिंग और डेवलपमेंट स्टडीज के नतीजे।
- OIL द्वारा भविष्य में Critical Minerals का कोई और अधिग्रहण या साझेदारी।
- NCMM और संबंधित रिसर्च के लिए सरकारी नीति और वित्तीय सहायता।
- OIL कैसे Critical Mineral Exploration में AI और मशीन लर्निंग को एकीकृत करती है।
