Nukleus Office Solutions: दिल्ली में को-वर्किंग का जाल बिछाएगी कंपनी, **12,000 वर्ग फुट** की लीज फाइनल!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nukleus Office Solutions: दिल्ली में को-वर्किंग का जाल बिछाएगी कंपनी, **12,000 वर्ग फुट** की लीज फाइनल!
Overview

Nukleus Office Solutions Limited ने दिल्ली के पिथमपुरा में **12,000 वर्ग फुट** का बड़ा कमर्शियल स्पेस लीज पर लेने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन किया है। इस कदम से कंपनी अपने मैनेज्ड और को-वर्किंग ऑफिस ऑपरेशन्स का विस्तार करेगी और प्रमुख इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी।

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पिथमपुरा में 12,000 वर्ग फुट की नई डील

Nukleus Office Solutions Limited ने 11 अप्रैल, 2026 को एक अहम घोषणा की है। कंपनी ने दिल्ली के पिथमपुरा स्थित बेस्ट स्काई टॉवर की 16वीं और 17वीं मंजिल पर लगभग 12,000 वर्ग फुट का कमर्शियल स्पेस लीज पर लेने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जगह 01 मई, 2026 तक कंपनी को हैंडओवर होने की उम्मीद है। यह डील कंपनी की को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस बिजनेस को बढ़ाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

विस्तार का मुख्य मकसद

यह लीज सीधे तौर पर Nukleus Office Solutions के को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस बिजनेस सेगमेंट को मजबूती देने के लिए की गई है। पिथमपुरा जैसे प्रमुख कमर्शियल हब में जगह सुरक्षित करने से कंपनी की मार्केट में मौजूदगी बढ़ेगी और यह उसकी ओवरऑल ग्रोथ स्ट्रेटेजी के अनुरूप है।

कंपनी का सफर और लिस्टिंग

दिसंबर 2019 में स्थापित Nukleus Office Solutions, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस इंडस्ट्री में काम करती है। कंपनी कस्टमाइजेबल को-वर्किंग स्पेस और मैनेज्ड ऑफिस की सुविधा देती है, जिसका मुख्य फोकस कमर्शियल प्रॉपर्टी लीजिंग पर है। कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर और अन्य शहरों में नए सेंटर्स खोलकर अपना फिजिकल फुटप्रिंट बढ़ाया है। Nukleus 04 मार्च, 2025 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी। कंपनी ने 11 अप्रैल, 2026 को यह भी कन्फर्म किया कि वह SEBI रेगुलेशंस के तहत 'लार्ज कॉर्पोरेट' डिस्क्लोजर की आवश्यकताओं के दायरे में नहीं आती है।

नई जगह का असर

इस विस्तार से कंपनी के मैनेज्ड और को-वर्किंग सर्विस ऑफरिंग्स का दायरा बढ़ेगा और दिल्ली के कमर्शियल लैंडस्केप में कंपनी की मौजूदगी बढ़ेगी। इससे नए को-वर्किंग क्लाइंट्स से रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है, हालांकि साथ ही नई मंथली रेंटल ऑब्लिगेशन्स और इससे जुड़े ऑपरेटिंग खर्चों में भी इजाफा होगा।

संभावित चुनौतियां

निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह डील अभी एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) के स्तर पर है, फाइनल लीज डीड पर अभी हस्ताक्षर बाकी हैं। इस लीज में लगातार मंथली रेंटल, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य चार्जेस शामिल होंगे, जो ऑपरेटिंग खर्चों को बढ़ाएंगे। साथ ही, को-वर्किंग सेक्टर में कड़ा मुकाबला है और यह इकोनॉमिक मंदी से प्रभावित हो सकता है, जिसका असर डिमांड और ऑक्यूपेंसी रेट पर पड़ सकता है।

कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप

Nukleus Office Solutions, Awfis, WeWork India, 91Springboard और Smartworks जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ कॉम्पिटिशन करती है। ये सभी कंपनियां प्रमुख भारतीय शहरों में फ्लेक्सिबल और मैनेज्ड ऑफिस सॉल्यूशंस प्रदान करती हैं और एडाप्टेबल वर्कस्पेस चाहने वाले कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।

अहम फाइनेंशियल और ऑक्यूपेंसी मेट्रिक्स

Standalone बेसिस पर, कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स FY22 के ₹3.41 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹17.13 करोड़ हो गया है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जो FY22 के ₹0.11 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹1.20 करोड़ हो गया है। 31 दिसंबर, 2024 तक कंपनी का ऑक्यूपेंसी रेट 88.48% था।

निवेशकों के लिए अगले कदम

निवेशक पिथमपुरा ऑफिस स्पेस के लिए डेफिनिटिव लीज डीड के औपचारिक एग्जीक्यूशन का इंतजार करेंगे। साथ ही, फिट-आउट और ऑपरेशनल सेटअप शुरू होने की घोषणाएं भी अहम होंगी। मैनेजमेंट की ओर से फाइनेंशियल इंपैक्ट और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर कमेंट्री भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.