Nukleus Office Solutions: नोएडा में **75,000 वर्ग फुट** की डील फाइनल, को-वर्किंग स्पेस का बढ़ेगा दबदबा!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nukleus Office Solutions: नोएडा में **75,000 वर्ग फुट** की डील फाइनल, को-वर्किंग स्पेस का बढ़ेगा दबदबा!
Overview

Nukleus Office Solutions Ltd ने नोएडा, उत्तर प्रदेश में लगभग **75,000 वर्ग फुट** कमर्शियल ऑफिस स्पेस के लिए दो बाध्यकारी लेटर ऑफ इंटेंट (LOIs) साइन किए हैं। इस कदम से कंपनी अपने मैनेज्ड ऑफिस और को-वर्किंग ऑपरेशन्स को एक अहम लोकेशन पर बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। लीज **5 साल** के लिए तय की गई है, फाइनल एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Nukleus Office Solutions Limited ने OESPL Private Limited के साथ नए ऑफिस स्पेस के लिए दो बाध्यकारी लेटर ऑफ इंटेंट (LOIs) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह डील 75,000 वर्ग फुट कमर्शियल ऑफिस स्पेस के लिए है, जो कि नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित होगा। इस जगह का इस्तेमाल कंपनी अपने मैनेज्ड ऑफिस और को-वर्किंग ऑपरेशन्स के विस्तार के लिए करेगी। यह लीज 5 साल के लिए होगी, जिसमें आगे इसे रिन्यू कराने का विकल्प भी शामिल है। कुल लीज एरिया में टावर 1 में 25,000 वर्ग फुट और टावर 3 में 50,000 वर्ग फुट शामिल है।

यह विस्तार कंपनी की प्राइम कमर्शियल लोकेशन्स में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है। यह फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की बढ़ती मांग के बीच Nukleus Office Solutions के को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस बिजनेस को बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है।

Nukleus Office Solutions विस्तार के मामले में काफी सक्रिय रही है। उदाहरण के लिए, अप्रैल 2026 में ही कंपनी ने दिल्ली के पीतमपुरा में लगभग 12,000 वर्ग फुट और नोएडा के स्काईमार्कवन में 32,000 वर्ग फुट के लिए LOIs साइन किए थे। इससे पहले, जुलाई 2025 में, कंपनी ने बेंगलुरु और नोएडा सेक्टर 144 में नए सेंटर्स लॉन्च किए थे, जो इसके लगातार ग्रोथ को दिखाता है। फरवरी 2025 में Nukleus ने अपने आने वाले IPO के साथ-साथ अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में NCR क्षेत्र से बाहर भी विस्तार की योजनाओं की घोषणा की थी।

शेयरधारकों के लिए, यह विस्तार नए को-वर्किंग स्पेसेस से परिचालन क्षमता (Operational Capacity) और रेवेन्यू ग्रोथ की संभावनाओं को बढ़ाता है। कंपनी NCR के महत्वपूर्ण कमर्शियल हब में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है, जो फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशंस की ओर इंडस्ट्री के बढ़ते रुझान के साथ तालमेल बिठाता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये LOIs शुरुआती चरण के समझौते हैं। फाइनल डेफिनिटिव लीज डीड्स (Definitive Lease Deeds) को अंतिम रूप देना एक महत्वपूर्ण अगला कदम है। इस चरण में किसी भी देरी या शर्तों में बदलाव से विस्तार की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। साथ ही, इन नए स्पेसेस की सफलता बाजार की निरंतर मांग और प्रतिस्पर्धी पोजिशनिंग पर निर्भर करेगी।

Nukleus Office Solutions, Awfis Space Solutions Ltd, WeWork India Management Limited, Smartworks, और IndiQube Spaces Limited जैसे स्थापित प्लेयर्स के साथ एक प्रतिस्पर्धी स्पेस में काम करती है। Awfis और WeWork अपने विशाल नेटवर्क और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस में महत्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी के लिए जाने जाते हैं। Smartworks और IndiQube भी मैनेज्ड और को-वर्किंग सॉल्यूशंस की तलाश करने वाले व्यवसायों को सेवाएं प्रदान करते हैं।

31 मार्च, 2025 तक, Nukleus Office Solutions ने ₹28.8 करोड़ का स्टैंडअलोन एनुअल रेवेन्यू दर्ज किया था।

निवेशकों को 75,000 वर्ग फुट नोएडा स्पेस के लिए डेफिनिटिव लीज डीड्स के एग्जीक्यूशन, फिट-आउट और ऑपरेशनल कमेंट्समेंट की समय-सीमा, और सेंटर्स के सक्रिय होने के बाद उनके प्रदर्शन और ऑक्यूपेंसी रेट्स पर नज़र रखनी चाहिए। विस्तार रणनीतियों या वित्तीय प्रदर्शन पर और अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.