टैक्स ट्रिब्यूनल का अहम फैसला: Nila Infra के लिए ₹0.33 करोड़ तक सीमित हुई इनकम
Nila Infrastructures Limited ने टैक्स ट्रिब्यूनल से जो राहत पाई है, उसके तहत 2018-19 के असेसमेंट ईयर के लिए जोड़ी जाने वाली टैक्सेबल इनकम को ₹33.23 लाख या ₹0.33 करोड़ तक सीमित कर दिया गया है। कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि इस फैसले का उसके वित्तीय (Financial) और परिचालन (Operational) गतिविधियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं होगा।
टैक्स से जुड़े मामलों में इस तरह की सकारात्मक जीतें कंपनी की वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) और निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने के लिए बहुत अहम होती हैं। संभावित इनकम एडिशन को सीमित करने से देनदारियों (Liabilities) और अनिश्चितता कम होती है, जिसका असर सीधे कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और शेयर की वैल्यू पर पड़ सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब Nila Infrastructures को टैक्स मामलों में राहत मिली है। अप्रैल 2026 में, कंपनी को कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) से भी राहत मिली थी, जिन्होंने कई असेसमेंट इयर्स (2014-15, 2016-17, 2017-18, और 2019-20 से 2022-23) के लिए डिमांड और पेनल्टी को रद्द कर दिया था। इससे पहले, मार्च 2026 में, CGST अपील्स कमिश्नर ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़ी लगभग ₹50.50 लाख की डिमांड और पेनल्टी भी कैंसिल की थी।
इन टैक्स राहतों के अलावा, Nila Infrastructures ने फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाया है। कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम बढ़ी है और EBITDA मार्जिन में सुधार हुआ है, जिसका श्रेय कॉस्ट कंट्रोल और कम फाइनेंस कॉस्ट को जाता है। पिछले चार सालों में कंपनी ने अपने कर्ज (Debt) को भी काफी हद तक कम किया है।
2018-19 के टैक्स असेसमेंट से जुड़ा संभावित वित्तीय जोखिम अब ₹0.33 करोड़ तक ही सीमित हो गया है। Nila Infrastructures ने भरोसा दिलाया है कि उसके कामकाज और वित्तीय सेहत पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। यह फैसला कंपनी के पुराने टैक्स मुद्दों को सुलझाने और अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के प्रयासों को समर्थन देता है।
हालांकि, यह एक सकारात्मक नतीजा है, Nila Infrastructures पहले भी टैक्स डिस्प्यूट्स का सामना करती रही है। जुलाई 2024 में, कंपनी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) डिस-अलाउ होने के कारण ₹2.03 करोड़ की डिमांड नोटिस मिला था। कंपनी का टैक्स मामलों के लिए लीगल एडवाइजर्स के साथ लगातार जुड़ाव यह दर्शाता है कि वह रेगुलेटरी कंप्लायंस के मामले में सक्रिय है।
Nila Infrastructures कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है। इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में IL&FS Engineering and Construction, A2Z Infra, और Madhav Infra Projects Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹341 करोड़ है, जो इसके पीयर्स (Peers) के मीडियन के करीब है।
फाइनेंशियल ईयर 25-26 (FY25-26) की तीसरी तिमाही (Q3) के आंकड़ों के अनुसार, Nila Infrastructures ने छह महीने की अवधि के लिए ₹149.07 करोड़ की नेट सेल्स रिपोर्ट की है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 61.77% की वृद्धि है। इस हाफ-ईयर के लिए रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 21.31% रहा। हालांकि, कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता (Debt Servicing Ability) एक चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि Q3 FY25-26 के अंत तक डेट टू EBITDA रेश्यो 0.82 गुना दर्ज किया गया था।
आगे चलकर, Nila Infrastructures इस टैक्स ट्रिब्यूनल ऑर्डर को लेकर अपने लीगल एडवाइजर्स से सलाह-मशविरा करेगी। निवेशक कंपनी के अन्य लंबित या संभावित टैक्स मुद्दों को सुलझाने की प्रगति पर नजर रखेंगे, साथ ही ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और कर्ज प्रबंधन में निरंतर सुधार को भी ट्रैक करेंगे।
