तिमाही नतीजों में शानदार वापसी, पर सालाना प्रदर्शन फीका
Nelco Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही और पूरे साल के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹1.09 करोड़ का समेकित नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) दर्ज किया है। यह पिछले साल इसी अवधि में दर्ज किए गए ₹4.08 करोड़ के नेट लॉस (Net Loss) की तुलना में एक बड़ी और सकारात्मक वापसी है।
लेकिन, तिमाही की यह चमक सालाना नतीजों पर फीकी पड़ गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए Nelco का समेकित नेट प्रॉफिट 65.16% की भारी गिरावट के साथ ₹3.32 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में यह ₹9.53 करोड़ था। कंपनी की कुल आय (Total Income) में मामूली 0.29% की वृद्धि होकर ₹310.96 करोड़ रही।
अलग से देखें तो, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी गिरकर ₹6.09 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹9.81 करोड़ था। स्टैंडअलोन कुल आय 3.76% घटकर ₹201.70 करोड़ रही।
बढ़ता कर्ज़ और लागत का बोझ चिंता का सबब
सालाना मुनाफे में इस भारी गिरावट के साथ-साथ कंपनी के समेकित कर्ज़ (Consolidated Borrowings) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह पिछले साल के ₹37.95 करोड़ से बढ़कर ₹58.77 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, नए लेबर कोड (Labour Codes) के लागू होने के चलते कंपनी को ₹3.81 करोड़ का एक खास प्रोविज़न (Provision) भी करना पड़ा, जिसने नतीजों पर और दबाव डाला। इससे यह संकेत मिलता है कि रेगुलेटरी बदलावों के कारण लागत बढ़ने का सिलसिला जारी रह सकता है।
टाटा ग्रुप की कंपनी Nelco और भविष्य की राह
टाटा ग्रुप (Tata Group) का हिस्सा Nelco भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है। यह VSAT कनेक्टिविटी और सिक्योरिटी सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी Telesat और Eutelsat OneWeb जैसी कंपनियों के साथ LEO सैटेलाइट सर्विसेज के लिए पार्टनरशिप कर रही है और भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज को रीसेल करने की मंजूरी भी हासिल कर चुकी है। मैनेजमेंट ने शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की अपनी पॉलिसी के तहत ₹1 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है।
निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि Nelco अपने बढ़ते कर्ज़ को कैसे मैनेज करती है और अगले फाइनेंशियल ईयर में सालाना मुनाफे को कैसे फिर से पटरी पर लाती है। कंपनी की नई सैटेलाइट ब्रॉडबैंड पार्टनरशिप्स का लाभ उठाने की क्षमता और नए लेबर कोड के प्रभावों से निपटने की रणनीति, भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
