बड़ी राहत: प्रॉपर्टी फ्री, लोन का भुगतान
Union Bank of India से ₹1.25 करोड़ के टर्म लोन का पूरा भुगतान करने के बाद, Neeraj Paper Marketing की गिरवी रखी गई कमर्शियल प्रॉपर्टी अब मुक्त हो गई है। यह लोन प्रॉपर्टी के अगेंस्ट लिया गया था, और इसके भुगतान से कंपनी को बड़ी राहत मिली है।
क्रेडिट फैसिलिटी में बदलाव, वर्किंग कैपिटल को मजबूती
इसके साथ ही, कंपनी ने ₹8.50 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) फैसिलिटी को भी रिवाइज किया है। यह CCL फैसिलिटी कंपनी के लिए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने का एक अहम जरिया है।
इस रिवीजन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कंपनी अपने बुक डेट्स (यानी ग्राहकों से मिलने वाले पैसे) को अपनी क्रेडिट लिमिट में शामिल कर सकेगी। इससे कंपनी की ड्राइंग पावर (पैसा निकालने की क्षमता) बढ़ेगी और उसके वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में काफी फ्लेक्सिबिलिटी आएगी, जो कैश फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस तरह के कदम कंपनी के मैनेजमेंट द्वारा वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के संकेत देते हैं।
इंडस्ट्री का नजरिया
यह कदम Neeraj Paper Marketing के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इंडस्ट्री में वर्किंग कैपिटल के लिए क्रेडिट पर निर्भरता को दर्शाता है। यह JK Paper Ltd और Seshasayee Paper and Boards Ltd जैसी बड़ी पेपर कंपनियों से अलग है, जो उत्पादन क्षमता पर अधिक ध्यान केंद्रित करती हैं।