इनकम टैक्स अपील दायर
Neeraj Paper Marketing Limited ने 2019-20 के असेसमेंट ईयर (AY) के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए एक ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर की है। इस ऑर्डर में ₹77,56,540 की टैक्स डिमांड रखी गई थी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस टैक्स डिमांड से उनके फाइनेंस और कामकाज पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है, जिससे यह लगता है कि कंपनी अपने पक्ष को लेकर आश्वस्त है।
टैक्स अथॉरिटीज से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी को टैक्स संबंधी मामलों से निपटना पड़ रहा हो। इससे पहले, नवंबर 2025 में, Neeraj Paper Marketing ने FY 2012-13 के लिए ₹29.30 लाख के टैक्स एडिशन के खिलाफ सफलतापूर्वक अपील जीती थी। इनकम टैक्स कमिश्नर (Appeals) ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। वहीं, हाल ही में मार्च 2026 के बीच कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई सर्च ऑपरेशन भी बिना किसी एडवर्स फाइंडिंग के समाप्त हुई थी।
आगे की राह और जोखिम
इस अपील के साथ ही कंपनी ने टैक्स असेसमेंट को चुनौती देने के लिए एक फॉर्मल लीगल प्रोसीजर शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि उसके ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन शेयरहोल्डर्स इस अपील के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
एक बड़ा कंसर्न यह है कि CARE Ratings ने अगस्त 2024 से कंपनी को 'issuer non-cooperating' कैटेगरी में रखा हुआ है। कंपनी द्वारा जरूरी जानकारी सप्लाई न करने की वजह से यह स्टेटस बना हुआ है, जिसका असर कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और ट्रांसपेरेंसी पर दिख रहा है।
इंडस्ट्री और वित्तीय स्थिति
भारतीय पेपर इंडस्ट्री में ई-कॉमर्स और FMCG सेक्टर से पैकेजिंग की बढ़ती मांग के चलते अच्छी ग्रोथ दिख रही है। इस सेक्टर के मुख्य प्लेयर्स में JK Paper Ltd. और West Coast Paper Mills Ltd. शामिल हैं। Neeraj Paper Marketing की बात करें तो मार्च 2025 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए इसका रेवेन्यू ₹1.97 बिलियन था, जो FY2024 के ₹1.584 बिलियन से ज्यादा है। वहीं, Q3 FY26 में इसका स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹42.23 करोड़ रहा।
आगे क्या देखना होगा?
अब सबकी नजरें कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (Appeals) के पास चल रही अपील के प्रोग्रेस और उसके फाइनल आउटकम पर होंगी। इसके अलावा, CARE Ratings के साथ 'issuer non-cooperating' स्टेटस को लेकर कंपनी क्या कदम उठाती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
