प्रमोटर ग्रुप में शिवम् गोयल की एंट्री
कंपनी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, 16,500 इक्विटी शेयरों के ट्रांसमिशन (हस्तांतरण) के बाद शिवम् गोयल को अब आधिकारिक तौर पर Neeraj Paper Marketing के प्रमोटर ग्रुप में शामिल कर लिया गया है। यह डेवलपमेंट कंपनी को 3 अप्रैल, 2026 को रिपोर्ट किया गया था।
यह शेयर ट्रांसफर दिवंगत प्रमोटर पंकज गोयल की ओर से हुआ है। इसके बाद शिवम् गोयल SEBI की लिस्टिंग जरूरतों को पूरा करते हुए कंपनी के प्रमोटर ग्रुप के मान्यता प्राप्त सदस्य बन गए हैं। प्रमोटर परिवार में यह उत्तराधिकार कंपनी की मालिकाना संरचना में निरंतरता और स्पष्टता सुनिश्चित करता है। प्रमोटर ग्रुप में शामिल होने से कंपनी की रणनीति और गवर्नेंस पर नए प्रभाव और जिम्मेदारियां आ सकती हैं।
टैक्स की मार: इनकम टैक्स का शिकंजा
हालांकि, शेयरधारकों की नजर कंपनी की दूसरी चुनौतियों पर भी है। हाल के हफ्तों में, Neeraj Paper Marketing टैक्स अथॉरिटीज की जांच के दायरे में आई है। कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पर 18 से 20 मार्च, 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा एक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। कंपनी ने तब कहा था कि इसका तुरंत कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
इसके बाद, 30 मार्च, 2026 को Neeraj Paper Marketing को असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए एक इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर मिला, जिसमें ₹77,56,540 की डिमांड (मांग) की गई है। कंपनी इस ऑर्डर को चुनौती देने और अपील फाइल करने का इरादा रखती है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और जोखिम
Neeraj Paper Marketing Ltd, जिसकी स्थापना 1995 में हुई थी, पेपर, पेपरबोर्ड, टिशू पेपर और आयरन व स्टील का कारोबार करती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹197 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। बाजार के नजरिए से, Neeraj Paper Marketing पेपर डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रेडिंग सेगमेंट में काम करती है, जो JK Paper Ltd., West Coast Paper Mills Ltd., और Seshasayee Paper and Boards Ltd. जैसे मैन्युफैक्चरर्स से अलग है। कंपनी पर ₹7.33 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटीज (आकस्मिक देनदारियां) भी हैं। शेयरधारकों को प्रमोटर की हिस्सेदारी या इरादे में किसी भी बदलाव से संबंधित भविष्य के खुलासों पर नजर रखनी होगी।
