सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने National General Industries Ltd. को 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियमों के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। कंपनी के प्रोविजनल लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग के आंकड़े, जो मार्च 2026 तक सिर्फ ₹0.25 करोड़ हैं, और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 'Not Applicable' क्रेडिट रेटिंग, इस फैसले की मुख्य वजह हैं। इस छूट से कंपनी को कुछ रेगुलेटरी कंप्लायंस से राहत मिली है।
SEBI की परिभाषा के अनुसार, 'लार्ज कॉर्पोरेट' वे कंपनियां होती हैं जिनकी लिस्टेड सिक्योरिटीज हों, ₹100 करोड़ या उससे अधिक का लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग हो, और क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर हो। इन कंपनियों को नियम के तहत अपने नए बॉरोइंग का एक तय हिस्सा डेट सिक्योरिटीज के जरिए उठाना होता है, ताकि बॉन्ड मार्केट को बढ़ावा मिल सके।
चूंकि National General Industries Ltd. निर्धारित डेट और क्रेडिट रेटिंग की सीमा को पूरा नहीं करती, इसलिए वह इन डेट-रेज़िंग मंडेट्स और संबंधित डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स से एग्ज़म्प्ट (exempt) हो गई है। इससे कंपनी का तत्काल रेगुलेटरी कंप्लायंस बर्डन कम हो गया है।
स्टील मैन्युफैक्चरिंग में 55 साल से अधिक का अनुभव रखने वाली NGIL, अपने राउंड्स, स्क्वेयर्स और फ्लैट बार्स जैसे प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती है। कंपनी का इतिहास रहा है कि उसने हमेशा बहुत कम लॉन्ग-टर्म डेट बनाए रखा है, जो अक्सर ₹0.26-₹0.34 करोड़ के स्तर पर रहा है, यानी लगभग डेट-फ्री।
SEBI ने 'लार्ज कॉर्पोरेट' पर अपना सर्कुलर नवंबर 2018 में जारी किया था, जिसका मकसद लिस्टेड कंपनियों को डेट मार्केट का अधिक सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
हालांकि 'लार्ज कॉर्पोरेट' मानदंड पर सीधी तुलना संभव नहीं है, NGIL स्टील सेक्टर में काम करती है। भविष्य में, निवेशकों की नजर कंपनी के बॉरोइंग लेवल और क्रेडिट रेटिंग स्टेटस में किसी भी संभावित बदलाव पर बनी रहेगी। इसके अलावा, SEBI द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट' की परिभाषा में कोई भी संशोधन या संबंधित रेगुलेशंस में बदलाव भी ध्यान देने योग्य होगा। कंपनी के स्ट्रैटेजिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट और ग्रोथ प्लान्स, विशेष रूप से इसके सीमित डेट फाइनेंसिंग के पैमाने को देखते हुए, और स्टील सेक्टर के सामान्य परफॉर्मेंस ट्रेंड्स के साथ-साथ ये सभी बिंदु निवेशकों के लिए रुचिकर बने रहेंगे।
