यह ट्रांसफर 17 सितंबर, 2025 को हुए एक एग्रीमेंट के तहत हुआ था, जिसके बाद 1 अप्रैल, 2026 को Pakri Barwadih Coal Mine और कोल माइनिंग हेड ऑफिस को भी NML के हवाले कर दिया गया।
इस स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग (Strategic Restructuring) का मुख्य मकसद NTPC Limited को पावर जेनरेशन (Power Generation) के अपने मुख्य बिजनेस पर और गहराई से ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है। इसमें थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड एनर्जी शामिल हैं। वहीं, NML को एक स्पेसिफिक माइनिंग यूनिट (Mining Unit) के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिससे एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ेगी, मैनेजमेंट आसान होगा और माइनिंग बिजनेस के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) को अलग से ट्रैक किया जा सकेगा।
असल में, NTPC भारत की सबसे बड़ी पावर यूटिलिटी (Power Utility) है और लंबे समय से अपने थर्मल पावर प्लांट्स के लिए कोयले की सप्लाई सुनिश्चित करने, लागत कंट्रोल करने और स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए खुद कोयला खदानें चला रही थी। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह NML को सौंप दी गई है।
NTPC के माइनिंग ऑपरेशंस (Mining Operations) में कुल 9 कोयला ब्लॉक शामिल हैं, जिनकी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी (Capacity) 91.6 मिलियन टन तक है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में, कोयला माइनिंग बिजनेस ने ₹7,735 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया था और इसकी नेट वर्थ (Net Worth) ₹3,151 करोड़ थी।
इस नए स्ट्रक्चर के तहत, NTPC Limited पूरी तरह पावर जेनरेशन पर फोकस करेगी, जबकि NTPC Mining Limited (NML) सभी कोयला खदानों और माइनिंग एक्टिविटीज को संभालेगी। निवेशकों के लिए यह एक अच्छी खबर है क्योंकि अब वे NTPC के पावर बिजनेस और NML के माइनिंग बिजनेस के परफॉरमेंस (Performance) को अलग-अलग देख पाएंगे। इससे दोनों कंपनियों को अपनी-अपनी फील्ड में बेहतर मैनेजमेंट और ऑपरेशनल इंडिपेंडेंस (Operational Independence) मिलेगी।
हालांकि, इस अलगाव (Separation) से एफिशिएंसी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन कुछ संभावित जोखिम भी हैं। इनमें ट्रांजीशन (Transition) के दौरान NTPC के पावर प्लांट्स को कोयले की निरंतर सप्लाई बनाए रखना और कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव वाले मार्केट में NML की फाइनेंशियल साउंडनेस (Financial Soundness) शामिल हैं।
NTPC का यह कदम कुछ दूसरी कंपनियों से अलग है जो सिर्फ कोयला माइनिंग पर फोकस करती हैं। वहीं, Tata Power Company Limited और Adani Enterprises Limited जैसी कंपनियां भी माइनिंग करती हैं, लेकिन यह उनके बड़े पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेशंस का हिस्सा है। भविष्य में, निवेशक NTPC के लगातार बढ़ते पावर जेनरेशन पोर्टफोलियो (Portfolio) के साथ-साथ NML के परफॉरमेंस और फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर बारीकी से नजर रखेंगे।
