कंपनी के नतीजे कैसे रहे?
NRB Bearings ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 76% से बढ़कर ₹145.63 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी ₹42.09 करोड़ के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स के साथ मुनाफे में लौट आई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹1.34 करोड़ का घाटा हुआ था।
कंसोलिडेटेड आधार पर, कंपनी की कुल आय (Total Income) 11.96% बढ़कर ₹1,369.52 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,223.25 करोड़ थी। स्टैंडअलोन बेसिस पर, कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹1,224.08 करोड़ की कुल आय और ₹121.51 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
शेयरधारकों को मिला तोहफा: डिविडेंड और EPS में उछाल
कंपनी के मजबूत कैश फ्लो को देखते हुए, बोर्ड ने ₹2.25 प्रति शेयर के तीसरे अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का ऐलान किया है। शेयरधारक मूल्य में भी वृद्धि देखी गई, क्योंकि प्रति शेयर आय (EPS) पिछले साल 8.20 से बढ़कर इस फाइनेंशियल ईयर में 14.73 हो गई है।
भविष्य की ग्रोथ: एयरोस्पेस और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस
NRB Bearings अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए नए क्षेत्रों में कदम रख रही है। कंपनी ने 2023 के अंत में Mahant Tool Room Private Limited (MTRPL) का अधिग्रहण किया था, ताकि एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में अपनी पैठ बना सके। साथ ही, कंपनी इटली की Unitec S.r.L. के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) बनाने की प्रक्रिया में है, जिससे एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।
कर्ज में कमी और वित्तीय सेहत में सुधार
कंपनी की वित्तीय सेहत में भी बड़ा सुधार हुआ है। कंसोलिडेटेड उधार (Borrowings) ₹183.99 करोड़ (FY25) से घटकर ₹151.04 करोड़ (FY26) हो गया है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है और वित्तीय लचीलापन बढ़ा है।
किन बातों पर रखनी है नज़र?
हालांकि, नतीजों के बीच कुछ ऐसी बातें भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। मैनेजमेंट ने बताया है कि अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से ₹21.82 करोड़ का ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) तय समय से लंबित है। इसके अलावा, नए लेबर कोड लागू करने की लागत के रूप में कंपनी को ₹13.24 करोड़ का एक्सेप्शनल खर्चा (Exceptional Costs) उठाना पड़ा है। Unitec S.r.L. के साथ ज्वाइंट वेंचर अभी पूरी तरह से ऑपरेशनल नहीं हुआ है।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल बेयरिंग मार्केट में NRB Bearings का मुकाबला Timken India, SKF India और Schaeffler India जैसी कंपनियों से है। हालांकि, एयरोस्पेस सेगमेंट में इसका कदम इसे बाकी कंपनियों से अलग बनाता है, जो मुख्य रूप से ऑटोमोटिव पर केंद्रित हैं।
निवेशक लंबित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड रिसीवेबल्स के समाधान और Mahant Tool Room के अधिग्रहण से मिलने वाले परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखेंगे। Unitec S.r.L. ज्वाइंट वेंचर के औपचारिक होने और उसके ऑपरेशनल होने पर भी ध्यान देना होगा। कंपनी के मैनेजमेंट से भविष्य की डिमांड, मार्जिन आउटलुक और लेबर कोड लागत के असर पर आने वाली टिप्पणियां कंपनी की दिशा को समझने में मदद करेंगी।
