FY26 में कैसी रही कंपनी की परफॉरमेंस?
NRB Bearings ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) जारी कर दिए हैं। जारी किए गए नतीजों के अनुसार, कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कुल मिलाकर, कंपनी ने ₹1,369.52 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹145.63 करोड़ का कंसोलिडेटेड PAT हासिल किया है। स्टैंडअलोन (Standalone) लेवल पर देखें तो रेवेन्यू ₹1,224.08 करोड़ रहा और PAT ₹121.51 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹2.25 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का ऐलान भी किया है। यह डिविडेंड कंपनी की मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भविष्य की तैयारी: Big Expansion Plans
NRB Bearings सिर्फ मौजूदा परफॉरमेंस पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ के लिए भी बड़े कदम उठा रही है।
- Aerospace सेक्टर में एंट्री: कंपनी Mahant Tool Room में हिस्सेदारी खरीदकर एयरोस्पेस सेक्टर (Aerospace Sector) में अपनी पैठ बनाने की तैयारी में है। यह एक नया और बड़ा ग्रोथ एरिया है।
- Cylindrical Roller Bearings का विस्तार: Unitec S.r.L. के साथ एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) के जरिए सिलिंड्रिकल रोलर बेयरिंग्स (Cylindrical Roller Bearings) के कारोबार को और मजबूत किया जाएगा।
- कैपेसिटी बढ़ाने पर फोकस: कंपनी ₹40 करोड़ तक की जमीन खरीदकर अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Production Capacity) को 17-25% तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इस विस्तार की शुरुआत वित्त वर्ष 2027 से होने की उम्मीद है।
पिछली परफॉरमेंस और भविष्य का आउटलुक
अगर हम पिछले वित्त वर्ष 2023 की बात करें, तो NRB Bearings का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,174.87 करोड़ और PAT ₹81.81 करोड़ था। यह दिखाता है कि कंपनी लगातार ग्रोथ के रास्ते पर है। इन स्ट्रैटेजिक मूव्स (Strategic Moves) से कंपनी के लिए नए रेवेन्यू सोर्स (Revenue Source) खुलने और मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है।
क्या हैं संभावित जोखिम?
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। कुछ विदेशी ग्राहकों से बकाया देनदारियों (Trade Receivables) के भुगतान में देरी हो रही है, हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि इसका खास असर नहीं पड़ेगा। Mahant Tool Room का अधिग्रहण (Acquisition) कुछ शर्तों पर निर्भर है, जिसकी आखिरी डेडलाइन 27 जुलाई, 2026 तय की गई है। वहीं, Unitec S.r.L. के साथ जॉइंट वेंचर कंपनी 31 मार्च, 2026 तक स्थापित नहीं हुई थी।
इंडस्ट्री में कौन हैं मुख्य खिलाड़ी?
अगर इंडस्ट्री की बात करें तो, SKF India ने FY23-24 में ₹141.1 करोड़ का कंसोलिडेटेड PAT रिपोर्ट किया था। Schaeffler India और Timken India जैसी कंपनियां भी ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल बेयरिंग सेगमेंट में प्रमुख खिलाड़ी हैं, जो लगातार ग्रोथ और टेक्नोलॉजी में निवेश कर रही हैं।
