NLC India Limited ने शेयर बाज़ार को सूचित किया है कि कंपनी के डायरेक्टर्स का बोर्ड 13 मई, 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए जुटेगा। इस बैठक का मुख्य एजेंडा 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Audited Financial Results) को अंतिम रूप देना है। इसके साथ ही, बोर्ड फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) घोषित करने पर भी विचार करेगा। शेयरधारकों के लिए यह बैठक बेहद अहम है, क्योंकि वे कंपनी के पूरे फाइनेंशियल परफॉरमेंस और संभावित डिविडेंड पेआउट्स (Dividend Payouts) के बारे में सटीक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन और डिविडेंड
NLC India, जो एक 'नवरत्न' PSU है, लिकनाइट माइनिंग और थर्मल पावर जेनरेशन के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी का डिविडेंड देने का इतिहास रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में, कंपनी ने ₹1,868 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था और ₹1.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। वहीं, FY2024-25 के लिए, NLC India ने ₹15,282.96 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,713.61 करोड़ का PAT कमाया था, जिसके लिए 15% का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया गया था। इतना ही नहीं, Q3 FY26 में FY2025-26 के लिए ₹3.60 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया गया था।
संभावित जोखिम (Potential Risks)
हालांकि, कंपनी कुछ महत्वपूर्ण जोखिमों का सामना भी कर रही है। ऑडिटर्स ने नेयवेली माइनिंग ऑपरेशंस में जमीन अधिग्रहण की चुनौतियों के चलते 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) से जुड़ी एक 'मटेरियल अनसर्टेनिटी' (Material Uncertainty) की पहचान की है। पहले, CAG (Comptroller and Auditor General) ने कंपनी की आलोचना की थी कि वह पर्यावरण मंजूरी के बिना एक खदान संचालित कर रही थी। इसके अतिरिक्त, BSE ने SEBI के बोर्ड कंपोजीशन नियमों का पालन न करने, विशेषकर एक महिला निदेशक की अनुपस्थिति के लिए NLC India पर जुर्माना भी लगाया था।
सेक्टर की तुलना
अपने सेक्टर में, NLC India की तुलना कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) और NTPC लिमिटेड (NTPC Limited) जैसे बड़े PSUs से की जाती है। कोल इंडिया ने FY24 में ₹23,117 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि NTPC का कंसोलिडेटेड FY24 नेट प्रॉफिट ₹18,082 करोड़ रहा था।
आगे क्या उम्मीद करें?
इस मीटिंग के बाद, निवेशकों को FY2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड की राशि के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू, PAT और मार्जिन जैसे प्रमुख फाइनेंशियल हाइलाइट्स की भी जानकारी मिलेगी। मैनेजमेंट की ओर से कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस, भविष्य की योजनाओं और जोखिमों को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर टिप्पणी का भी इंतजार रहेगा। नतीजे आने के बाद ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने की उम्मीद है।
