चौथी यूनिट ने शुरू किया कमर्शियल ऑपरेशन
NHPC लिमिटेड ने घोषणा की है कि उसके 2000 MW सुबनसिरी लोअर HE प्रोजेक्ट की यूनिट #4 का कमर्शियल ऑपरेशन डेट (CoD) 8 मई, 2026 से प्रभावी है। 250 MW की यह यूनिट अब प्रोजेक्ट की कुल ऑपरेशनल क्षमता को 1000 MW तक ले गई है, जिसमें कुल आठ यूनिट में से चार अब चालू हो चुकी हैं।
भारत के सबसे बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर
यह डेवलपमेंट भारत के सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पूर्ण संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। NHPC की ऑपरेशनल क्षमता में 250 MW का यह इजाफा प्रगति का एक ठोस संकेत है। इससे प्रोजेक्ट रेवेन्यू जनरेशन के करीब पहुंच गया है और भारत के पावर ग्रिड में कंपनी का योगदान बढ़ा है। यह मील का पत्थर NHPC की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को एग्जीक्यूट करने की क्षमता में विश्वास बढ़ाता है।
प्रोजेक्ट का इतिहास: देरी और लागत में वृद्धि
2000 MW सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का इतिहास लंबा और जटिल रहा है। जनवरी 2005 में परिकल्पित इस प्रोजेक्ट का निर्माण 2011 से 2019 तक आठ साल तक डैम सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों और कानूनी चुनौतियों के कारण रुका रहा। प्रोजेक्ट की लागत में काफी वृद्धि हुई है, जो अब लगभग ₹26,075 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि शुरुआती अनुमान लगभग ₹6,285 करोड़ था। 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत से यूनिट्स के आंशिक संचालन और वेट कमीशनिंग की रिपोर्टें आ रही थीं, जिससे यह नवीनतम घोषणा हुई है।
संभावित भविष्य की चुनौतियाँ
भविष्य में बाकी बची चार यूनिट्स के कमीशनिंग में और देरी की संभावना बनी हुई है। अंतिम चरणों के दौरान तकनीकी दिक्कतें या पर्यावरणीय चिंताएं उभर सकती हैं, और यदि अतिरिक्त काम या मरम्मत की आवश्यकता होती है तो लागत में वृद्धि जारी रह सकती है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
भारत की सबसे बड़ी हाइड्रोपावर डेवलपर NHPC, SJVN Ltd और NTPC Ltd जैसे अन्य प्रमुख बिजली उत्पादकों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। SJVN हाइड्रो और रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती है, जबकि NTPC भारत की सबसे बड़ी यूटिलिटी है जिसके पास विविध ऊर्जा स्रोत हैं। यह कमीशनिंग अपडेट NHPC की ऑपरेशनल क्षमता को उजागर करता है, जो निवेशकों के लिए अपने प्रतिद्वंद्वियों से तुलना करने का एक प्रमुख परफॉरमेंस इंडिकेटर है।
आगे क्या?
निवेशक शेष चार यूनिट्स की कमर्शियल ऑपरेशन डेट्स (CoDs) और प्रोजेक्ट की पूर्ण 2000 MW कमीशनिंग के टारगेट डेट पर NHPC की घोषणाओं पर नजर रखेंगे। प्रोजेक्ट के पूरा होने पर NHPC की कुल ऑपरेशनल क्षमता और सुबनसिरी प्रोजेक्ट से भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
