NHIT में बदला Ownership का खेल
नेशनल हाईवेज इन्फ्रा ट्रस्ट (NHIT) ने हाल ही में यूनिट इश्यू करने के बाद अपनी शेयरधारिता का नया ब्योरा जारी किया है। 1 अप्रैल 2026 को जारी हुए इस अपडेट के अनुसार, 25 मार्च 2026 को यूनिट अलॉटमेंट के बाद अब कुल 213.86 करोड़ यूनिट्स का हिसाब-किताब बदल गया है।
पब्लिक की हुई धाकड़ हिस्सेदारी
इस नए इश्यू के बाद, पब्लिक यूनिटहोल्डर्स के पास NHIT का 89.50% का बड़ा हिस्सा आ गया है। वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और इससे जुड़ी पार्टियों सहित स्पॉन्सर की हिस्सेदारी कम होकर 10.50% रह गई है।
Ownership Shift का असर
पब्लिक हिस्सेदारी में हुई इस भारी बढ़ोतरी से NHIT की कैपिटल स्ट्रक्चर पर सीधा असर पड़ेगा। पब्लिक फ्लोट (Public Float) के बढ़ने से आमतौर पर यूनिट्स की ट्रेडिंग में आसानी होती है और निवेशकों का एक बड़ा वर्ग इससे जुड़ सकता है। स्पॉन्सर की हिस्सेदारी का प्रतिशत कम होने का मतलब है कि उनका सीधा नियंत्रण अब थोड़ा कम हो गया है।
NHIT का सफर और पिछला फंड जुटाना
साल 2020 में NHAI द्वारा स्थापित और नवंबर 2021 में लिस्ट हुआ NHIT, एक इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है जो टोल रोड एसेट्स को मोनेटाइज करने पर फोकस करता है। ट्रस्ट पहले भी कई बार फंड जुटा चुका है। मार्च 2025 में, ट्रस्ट ने लगभग ₹8,340 करोड़ यूनिट कैपिटल और ₹10,040 करोड़ के कर्ज के जरिए बड़ा फंड जुटाया था। हाल ही में 23 मार्च 2026 को ₹153 प्रति यूनिट के इश्यू प्राइस पर हुए कैपिटल रेज के बाद यह नई शेयरधारिता सामने आई है।