NECC Ltd FY26 कंप्लायंस रिपोर्ट: प्रमोटर्स की SEBI से जंग जारी
North Eastern Carrying Corporation Ltd (NECC) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी एनुअल सेक्रेटरियल कंप्लायंस रिपोर्ट फाइल कर दी है। A. K. Friends & Co. द्वारा तैयार यह रिपोर्ट आम तौर पर SEBI के नियमों के पालन को दर्शाती है, लेकिन कुछ अहम बातों का भी खुलासा करती है, जिसमें स्टॉक एक्सचेंजों के साथ एप्लीकेशन्स को देरी से फाइल करना शामिल है।
रिपोर्ट में स्टॉक एक्सचेंजों के साथ एप्लीकेशन्स को देरी से फाइल करने के दो मामलों का जिक्र है, जिनके चलते कंपनी पर फाइन लगाए गए। एक ट्रेडिंग अप्रूवल एप्लीकेशन में देरी के कारण ₹10.8 लाख का बेस फाइन लगा था, जिसमें से कंपनी ने ₹3.6 लाख प्लस GST का भुगतान किया। वहीं, इक्विटी शेयर्स लिस्टिंग के लिए एक एप्लीकेशन में देरी पर लगे ₹11 लाख के बेस फाइन को NSE ने पूरी तरह माफ कर दिया।
इन रेगुलेटरी अनुपालन से जुड़ी बातों के अलावा, रिपोर्ट में एक बड़ी कानूनी चुनौती का भी उल्लेख है। कंपनी के प्रमोटर्स, मिस्टर उत्कर्ष जैन और मिसेज वान्या जैन, SEBI के एक ऑर्डर के खिलाफ सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में अपील कर रहे हैं।
यह मामला गवर्नेंस के दृष्टिकोण से काफी अहम है। NECC के प्रमोटर्स अतीत में फ्रॉडुलेंट ट्रेडिंग और PFUTP नियमों के उल्लंघन के आरोपों में SEBI द्वारा फाइन किए जा चुके हैं। फरवरी 2023 में, SEBI ने उत्कर्ष जैन और वान्या जैन पर ₹10 लाख प्रत्येक का फाइन लगाया था, और कुल मिलाकर छह एंटिटीज पर ₹62 लाख का जुर्माना ठोका था। प्रमोटर्स की SAT में चल रही यह कानूनी लड़ाई, गवर्नेंस रिस्क को बढ़ाती है।
NECC एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन कंपनी है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे SAT में चल रही कार्यवाही के नतीजे पर पैनी नजर रखें, क्योंकि इसका कंपनी की भविष्य की रणनीति और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है।
