Gayatri Projects Ltd. ने हाल ही में एक बड़े शेयरधारक के बारे में जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, विवेक मुंद्रा के नेतृत्व वाले मुंद्रा ग्रुप ने 24 मिलियन शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की कुल इक्विटी का 8.1% है। यह ट्रांजैक्शन 22 अप्रैल, 2026 को एक प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotment) के जरिए पूरा हुआ।
इस अधिग्रहण के बाद और कंपनी में हुए हालिया बड़े कैपिटल इनफ्यूजन (capital infusion) को ध्यान में रखते हुए, मुंद्रा ग्रुप की कुल हिस्सेदारी अब Gayatri Projects के 464.3 मिलियन शेयरों में से 6.53% हो गई है। इस डील से पहले, मुंद्रा ग्रुप के पास कंपनी के 6.3 मिलियन शेयर थे, जो वोटिंग कैपिटल का 3.38% था।
एक बड़े नए शेयरधारक, जैसे मुंद्रा ग्रुप का आना, Gayatri Projects के मालिकाना हक में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। यह कदम, खासकर कंपनी के हालिया फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (financial restructuring) के बाद, एक नई स्ट्रेटेजिक दिशा दिखा सकता है। यह कंपनी के इंसॉल्वेन्सी से बाहर निकलने और रिकवरी पाथ में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की यह कंपनी, Gayatri Projects, 1989 में स्थापित हुई थी। इसने हाल ही में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेन्सी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से 10 सितंबर, 2025 को बाहर निकलने में सफलता पाई थी। अपने पोस्ट-इंसॉल्वेन्सी रिकवरी प्लान के तहत, Gayatri Projects ने 22 अप्रैल, 2026 को ₹10 प्रति शेयर की दर से 168.1 मिलियन शेयर इशू करके ₹168.1 करोड़ जुटाए थे। इससे भी पहले, अप्रैल 2026 की शुरुआत में ही कंपनी ने ₹1,090 करोड़ का एक और बड़ा फंड रेज (fund raise) किया था। विवेक मुंद्रा और उनके एसोसिएट्स पहले भी फंडिंग राउंड्स में शामिल रहे हैं, जिसमें सितंबर 2025 में 1.4 मिलियन शेयर का अधिग्रहण भी शामिल है।
हालांकि, कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को मजबूत करने के बावजूद, Gayatri Projects के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। Stakeholder Empowerment Services (SES) जैसी संस्थाओं ने पहले भी डिस्क्लोजर (disclosure) और ट्रांसपेरेंसी (transparency) से जुड़े मुद्दे उठाए थे, जिससे शेयरधारकों को अँधेरे में रखने की बात कही गई थी। ऑडिटर (auditors) भी अतीत में कंपनी की वित्तीय स्थिति और गोइंग कंसर्न (going concern) के रूप में जारी रहने की क्षमता पर सवाल उठा चुके हैं।
Gayatri Projects इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन के कॉम्पिटिटिव सेक्टर में Ashoka Buildcon Ltd., HG Infra Engineering Ltd., और PNC Infratech Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये सभी कंपनियां भारत भर में बड़े सिविल वर्क्स और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हैं।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपने मजबूत कैपिटल बेस का उपयोग प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (project execution) और ग्रोथ के लिए कैसे करती है, साथ ही कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों का पालन कैसे सुनिश्चित करती है।
