Mukand Ltd: ₹1687 Cr Borrowings के बावजूद SEBI के 'Large Corporate' क्लब से बाहर, जानें क्या है मतलब

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Mukand Ltd: ₹1687 Cr Borrowings के बावजूद SEBI के 'Large Corporate' क्लब से बाहर, जानें क्या है मतलब
Overview

Mukand Limited ने कन्फर्म किया है कि **31 मार्च 2026** तक कंपनी SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) स्टेटस के मानदंडों को पूरा नहीं करेगी। यह फैसला कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर आधारित है, जिसके तहत **वित्तीय वर्ष 2025** में उसका बकाया कर्ज बढ़कर **₹1,687.11 करोड़** हो गया है, जबकि **वित्त वर्ष 2024** में यह **₹1,553.80 करोड़** था।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस और Mukand Ltd

SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों के तहत, Mukand Limited ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 से प्रभावी होने वाले मूल्यांकन में इसे 'लार्ज कॉर्पोरेट' का दर्जा नहीं दिया जाएगा। यह निर्धारण कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल पोजीशन के आधार पर किया गया है।

कर्ज में बढ़ोतरी, फिर भी स्टेटस कायम

आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 (31 मार्च 2025 तक) के अंत तक कंपनी का बकाया कर्ज ₹1,687.11 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष, यानि वित्त वर्ष 2024, में ₹1,553.80 करोड़ था। इसके बावजूद, कंपनी 'लार्ज कॉर्पोरेट' की श्रेणी में नहीं आएगी। कंपनी के कुल फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) ₹75.00 करोड़ रहे।

'लार्ज कॉर्पोरेट' न होने के मायने

Mukand Ltd के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस से बाहर रहना अहम है, क्योंकि यह कंपनी के नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) और फंड जुटाने के तरीकों को प्रभावित करता है। कंपनी को अभी भी नॉन-लार्ज कॉर्पोरेशन्स के लिए SEBI के नियमों का पालन करना होगा, जिसमें बड़े कॉर्पोरेट्स की तुलना में तुरंत फंड जुटाने की योजनाओं में अधिक लचीलापन मिल सकता है। हालांकि, बढ़ते कर्ज के स्तर को देखते हुए कंपनी को SEBI के तय किए गए मापदंडों पर लगातार नजर रखनी होगी, ताकि अनजाने में वह 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस की सीमा को पार न कर जाए।

स्टील और इंजीनियरिंग सेक्टर में कंपनी
Mukand Ltd स्टील और इंजीनियरिंग उद्योग की एक प्रमुख कंपनी है, जो अलॉय और स्टेनलेस स्टील के साथ-साथ मशीन बिल्डिंग और रोबोटिक्स जैसे उत्पाद बनाती है। कंपनी का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, वित्त वर्ष 25 में यह ₹1,687.11 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, वित्त वर्ष 25 तक कंपनी के पास ₹75.00 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट और ₹1,400.00 करोड़ के रेटेड वर्किंग कैपिटल टर्म लोंस (Rated Working Capital Term Loans) भी थे।

बड़े खिलाड़ियों से तुलना

SEBI के नियमों के तहत, 'लार्ज कॉर्पोरेट' के तौर पर वर्गीकृत कंपनियों पर तब पेनल्टी लग सकती है, अगर वे दो साल की अवधि में डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) के माध्यम से अनिवार्य उधार लक्ष्य को पूरा नहीं करती हैं। Mukand Ltd फिलहाल इससे बच रही है। तुलना के लिए, प्रमुख स्टील प्रतिद्वंद्वी जैसे Tata Steel और JSW Steel ने वित्त वर्ष 25 के लिए ₹50,000-70,000 करोड़ की उधारी दर्ज की है। यह दर्शाता है कि ये बड़ी कंपनियां संभवतः SEBI द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट' के रूप में वर्गीकृत हैं, जो उनके विशाल बाजार उपस्थिति और Mukand के कर्ज स्तरों से कहीं अधिक ऋण स्तरों को दर्शाता है।

भविष्य में, निवेशक Mukand Ltd के अगले कर्ज स्तरों, किसी भी नियोजित ऋण परिवर्तन और SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' मानदंडों में संभावित अपडेट पर नजर रखेंगे। कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य और स्टील एवं इंजीनियरिंग सेगमेंट में उसके प्रदर्शन की निगरानी भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.