बड़ा रेल प्रोजेक्ट हाथ लगा
Monarch Surveyors and Engineering Consultants Ltd. को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway) से ₹2.39 करोड़ के ट्रैक मेजरमेंट प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिल गया है। कंपनी ने 24 अप्रैल 2026 को यह जानकारी शेयर की।
इस खास प्रोजेक्ट में टैंपिंग (Tamping) से पहले और बाद के ट्रैक की मेजरमेंट शामिल है। कंपनी इसके लिए पोर्टेबल ट्रैक ज्योमेट्री मेजरमेंट ट्रॉली सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। इस काम को LOA मिलने की तारीख से 12 महीनों के अंदर पूरा किया जाना है।
यह नया कांट्रैक्ट Monarch Surveyors की ऑर्डर बुक को और मजबूत करता है और रेलवे सेक्टर में स्पेशलाइज्ड ट्रैक मेजरमेंट और सर्वे के क्षेत्र में इसकी पोजीशन को भी पक्का करता है। यह भारतीय रेलवे (Indian Railways) के साथ कंपनी के मजबूत होते रिश्तों और मौजूदा प्रोजेक्ट पाइपलाइन में एक नया मील का पत्थर है।
कंपनी के हालिया सफलताओं की बात करें तो, इसने हाल ही में नॉर्दर्न रेलवे (Northern Railway) से सर्वे और लैंड एक्विजिशन के लिए ₹130 करोड़ का ऑर्डर, ईस्ट सेंट्रल रेलवे (East Central Railway) से स्ट्रक्चरल डिजाइन सर्विसेज के लिए ₹7.51 करोड़ का कांट्रैक्ट, और वेस्टर्न रेलवे (Western Railway) से ट्रैक मेजरमेंट सर्वे के लिए ₹1.28 करोड़ का ऑर्डर भी हासिल किया है।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
Monarch Surveyors इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी के कॉम्पिटिटिव फील्ड में काम करती है। रेलवे सेक्टर में RITES Ltd., Rail Vikas Nigam Ltd. (RVNL), PNC Infratech Ltd., और Kalpataru Projects International Ltd. (KPIL) जैसी बड़ी कंपनियां भी मौजूद हैं।
इन्वेस्टर्स के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का एग्जीक्यूशन सरकारी अथॉरिटीज से जरूरी अप्रूवल मिलने पर निर्भर करेगा। साथ ही, 12 महीने की समय-सीमा के भीतर काम की शुरुआत और पूरा होना भी महत्वपूर्ण होगा। यह प्रोजेक्ट अगले साल के लिए कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी (Revenue Visibility) में इजाफा करेगा। कंपनी के भविष्य में और ऑर्डर जीतने की क्षमता उसकी ग्रोथ को दर्शाएगी।
