कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?
Mold-Tek Technologies ने 1 मई, 2026 को घोषणा की कि उसने अपनी प्रिफरेंशियल इश्यू की योजना को वापस ले लिया है और रद्द कर दिया है। इस इश्यू के तहत कंपनी 2,90,000 इक्विटी शेयर ₹164 प्रति शेयर के दाम पर जारी करने वाली थी।
कंपनी के बोर्ड ने इश्यू को रद्द करने का यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि जिस निवेशक को शेयर अलॉट होने थे, वह तय समय सीमा तक जरूरी शेयर एप्लीकेशन मनी जमा नहीं कर सका। नतीजतन, यह कैपिटल इनफ्यूजन अब नहीं होगा।
इस कैंसिलेशन का असर
कंपनी को उम्मीद थी कि इस प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट से करीब ₹4.76 करोड़ की रकम जुटाई जाएगी। इश्यू के रद्द होने का मतलब है कि यह कैपिटल उपलब्ध नहीं होगा, जो उन प्रोजेक्ट्स या योजनाओं को प्रभावित कर सकता है जो इस फंडिंग पर निर्भर थीं।
यह डेवलपमेंट Mold-Tek की कैपिटल रेजिंग के लिए एक चुनौती पेश करता है और अगर ग्रोथ इनिशिएटिव्स के लिए बाहरी निवेश की जरूरत हुई तो कंपनी को वैकल्पिक फंडिंग सोर्स तलाशने पड़ सकते हैं।
इश्यू की पृष्ठभूमि
Mold-Tek Technologies को इस प्रिफरेंशियल इश्यू के लिए पहले ही बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी (28 फरवरी, 2026 को)। शेयर होल्डर्स ने भी 30 मार्च, 2026 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में अपनी सहमति दे दी थी, और कंपनी को 16 अप्रैल, 2026 तक स्टॉक एक्सचेंज से भी मंजूरी मिल गई थी।
इन फंड्स का इस्तेमाल ₹4.76 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया जाना था, जिसमें महाराष्ट्र के नासिक में एक नई ब्रांच ऑफिस बनाना शामिल था। इस जमीन का अधिग्रहण कंपनी ने 2023 में किया था।
हालिया खबरों में, कंपनी ने असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹30.40 लाख के टैक्स डिमांड नोटिस का भी जवाब दिया था, जिसमें कहा गया था कि इसका कोई फाइनेंशियल इम्पैक्ट नहीं है और यह इनकम टैक्स एक्ट का उल्लंघन नहीं करता। वहीं, बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इंटिरिम डिविडेंड को टालने का भी फैसला किया था।
अब आगे क्या?
- प्रिफरेंशियल इश्यू से अपेक्षित ₹4.76 करोड़ अब नहीं मिलेंगे।
- इस फंडिंग पर निर्भर किसी भी स्ट्रेटेजिक प्लान या कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट को फिर से इवैल्यूएट करना होगा।
- जरूरत पड़ने पर कंपनी को कैपिटल रेजिंग के अन्य रास्ते तलाशने होंगे।
- यह असफल फंड रेजिंग का प्रयास निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकता है।
इंडस्ट्री से जुड़ी बातें
Mold-Tek Technologies इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। इसके कंपटीटर्स में RPP Infra Projects Ltd, Markolines Pavement Technologies Ltd, और RBM Infracon Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो इसी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सर्विसेज में सक्रिय हैं।
