नए वर्टिकल से तेजी की उम्मीद
Mitsu Chem Plast का लक्ष्य FY28 तक ₹1,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू हासिल करना है। कंपनी ने यह बड़ा लक्ष्य अपने Q4 FY26 की अर्निंग कॉल के बाद दिया है, जिसमें उसने नए बिजनेस एरिया में रणनीतिक विस्तार पर जोर दिया।
IBC और हेल्थकेयर फर्नीचर का विस्तार
कंपनी नए इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर (IBC) वर्टिकल में कदम रख रही है, जिसके लिए खालपुर (Khalapur) फैसिलिटी में एक ऑटोमेटेड प्लांट तैयार किया गया है। इसके साथ ही, 'Furnastra' नाम से हेल्थकेयर फर्नीचर बिजनेस का विस्तार किया जा रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि ये नए सेगमेंट ग्रोथ और मार्जिन के बड़े ड्राइवर साबित होंगे। कंपनी की महाराष्ट्र फैसिलिटी में कुल इंस्टॉल कैपेसिटी 29,900 मीट्रिक टन सालाना से ज्यादा है।
FY27 में मजबूत रिकवरी का इरादा
इस कदम का मकसद FY26 के 'म्यूटेड' (muted) परफॉर्मेंस के बाद FY27 में कंपनी को मजबूत रिकवरी दिलाना है। हेल्थकेयर फर्नीचर और IBC जैसे हाई-मार्जिन सेगमेंट पर फोकस करके, कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। FY28 तक 15-20% रेवेन्यू हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर से आने का अनुमान है।
मुख्य जोखिमों पर भी नजर
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी। HDPE जैसी कच्चे माल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो कभी-कभी 40% तक बढ़ सकती हैं। कीमतों में अचानक गिरावट से इन्वेंट्री का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, कंपनी के पास आमतौर पर सिर्फ एक महीने की ऑर्डर विजिबिलिटी (order visibility) होती है, जिससे प्लानिंग में चुनौती आती है। मैनेजमेंट ने यह भी माना है कि कुछ ग्रोथ प्लान्स में देरी हुई है, और फिलहाल बॉटम-लाइन (bottom-line) सुधार पर ज्यादा फोकस है।
कॉम्पिटिशन और आउटलुक
कॉम्पिटिशन की बात करें तो Mitsu Chem Plast, Supreme Industries Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जो भारत की सबसे बड़ी प्लास्टिक प्रोसेसर है। Xpro India Ltd. IBC सेगमेंट में एक सीधी प्रतिद्वंद्वी है, जबकि Manjushree Technopack Ltd. भी एक महत्वपूर्ण प्लेयर है। कंपनी 10% के सस्टेनेबल EBITDA मार्जिन का लक्ष्य लेकर चल रही है, और कैपेसिटी का कम से कम 40-45% यूटिलाइजेशन (utilization) चाहती है। नया IBC प्लांट Q2 FY27 में शुरू होने की उम्मीद है। निवेशक IBC प्लांट के रैंप-अप (ramp-up), 'Furnastra' ब्रांड की ग्रोथ, HDPE की कीमतों के रुझान और मैनेजमेंट द्वारा इन विस्तार योजनाओं के अमल पर बारीकी से नजर रखेंगे।
