Mishka Exim के FY26 के नतीजे: बंपर रेवेन्यू ग्रोथ के साथ चिंताएं भी बढ़ीं
Mishka Exim Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेशियल ईयर के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (Consolidated Total Income) में 350.91% का जबरदस्त उछाल दर्ज करते हुए इसे ₹22.72 करोड़ तक पहुंचाया, जो पिछले साल यानी FY25 में सिर्फ ₹5.04 करोड़ था। इसी के साथ, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भी 350.91% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹1.98 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह महज ₹0.12 करोड़ था।
स्टैंडअलोन नतीजे और कर्ज में कमी
अगर स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें, तो कंपनी की टोटल इनकम 354.93% बढ़कर ₹22.63 करोड़ हो गई। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹0.31 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹1.97 करोड़ (FY26) हो गया। एक और अहम बात यह है कि कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर FY26 में ₹0 का करंट बोरिंग (Current Borrowings) दिखाया है, जो FY25 के ₹0.21 करोड़ की तुलना में एक बड़ी राहत है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे
आंकड़ों के मुताबिक, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी ने मजबूत साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दिखाई। स्टैंडअलोन इनकम 123.00% बढ़कर ₹3.52 करोड़ रही, और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 459.90% उछलकर ₹0.69 करोड़ हो गया।
बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स और F&O का डर
हालांकि, कंपनी की विस्फोटक ग्रोथ के साथ कुछ चिंताजनक संकेत भी जुड़े हैं। सबसे बड़ा सवाल ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) का है, जो स्टैंडअलोन बेसिस पर FY25 के ₹0.86 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹3.44 करोड़ हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनी की बिक्री का एक बड़ा हिस्सा अभी तक ग्राहकों से वसूल नहीं हुआ है, जो कैश फ्लो के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, कंपनी ने 'अन्य खर्चों' (Other expenses) में ₹0.37 करोड़ का फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग से हुआ नुकसान भी दर्ज किया है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने मुख्य एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिजनेस के अलावा सट्टेबाजी वाली ट्रेडिंग में भी शामिल है।
इन्वेंटरी और ऑडिटर की रिपोर्ट
कंपनी की इन्वेंटरी (Inventory) भी ₹5.94 करोड़ से घटकर ₹4.62 करोड़ हो गई है। यह, बढ़ते रिसीवेबल्स के साथ मिलकर, इन्वेंटरी टर्नओवर और सेल्स रियलाइजेशन पर सवाल खड़े करता है। अच्छी बात यह है कि ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर कोई खास चिंता न जताते हुए एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब कंपनी की रिसीवेबल्स वसूलने की क्षमता पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, F&O ट्रेडिंग के नुकसान का कंपनी की कुल लाभप्रदता पर क्या असर पड़ता है, और कंपनी की इस सट्टेबाजी वाली गतिविधियों को लेकर क्या रणनीति है, यह भी समझना महत्वपूर्ण होगा। भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखने वाले कारक और ऑर्डर बुक की स्थिति भी अहम साबित होगी।
