Metroglobal Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹945.34 लाख की तुलना में 134% बढ़कर ₹2,209.09 लाख (यानी ₹22.09 करोड़) पर पहुँच गया है। इस जबरदस्त ग्रोथ की मुख्य वजह मुंडारा एस्टेट डेवलपर्स लिमिटेड से ₹250.00 लाख की बकाया राशि की रिकवरी से हुई आय रही।
हालांकि, कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में मामूली गिरावट देखी गई, जो FY25 के ₹25,368.51 लाख से घटकर FY26 में ₹24,663.48 लाख हो गई। कंपनी ने यह भी बताया कि ₹187.90 लाख का एक रीक्लासिफिकेशन हुआ है, जिसने फाइनेंस कॉस्ट और इक्विटी को प्रभावित किया है।
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने ₹10 के फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹2.50 प्रति शेयर (यानी 25%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो शेयरधारक की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, कंपनी ने FY 2026-27 के लिए एम/एस. खोखानी एंड एसोसिएट्स को अपना इंटरनल ऑडिटर भी फिर से नियुक्त किया है।
यह नतीजे दिखाते हैं कि एक बार की आय रिकवरी के दम पर Metroglobal ने अपनी प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छा सुधार किया है। हालाँकि, कुल इनकम में आई थोड़ी कमी कंपनी के मुख्य बिजनेस की गति पर सवाल उठाती है।
कंपनी सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) से जुड़े मामले का भी सामना कर रही है। SAT ने पहले दो साल के लिए कंपनी पर डीबार्मेंट लगाया था, जिसे बाद में घटाकर तीन महीने कर दिया गया। कंपनी इस घटी हुई अवधि का पालन कर रही है और SAT के निष्कर्षों से सहमत नहीं है, ऐसे में कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए:
- डिविडेंड: शेयरधारकों द्वारा ₹2.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी मिलना।
- ऑपरेशनल परफॉर्मेंस: आने वाली तिमाहियों में कंपनी का कोर बिजनेस कैसा प्रदर्शन करता है, खासकर जब एक्सेप्शनल रिकवरी इनकम का असर हट जाए।
- रिकवरी: मुंडारा एस्टेट डेवलपर्स से हुई रिकवरी की विस्तृत जानकारी।
- SAT मामला: SAT द्वारा घटी हुई डीबार्मेंट अवधि का कंपनी के ऑपरेशंस पर क्या असर पड़ता है।
जोखिम:
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी का एक बड़ी रिकवरी पर निर्भर रहना एक अहम जोखिम है। ₹187.90 लाख के रीक्लासिफिकेशन जैसे अकाउंटिंग एडजस्टमेंट पर भी नजर रखनी होगी। SAT डीबार्मेंट के पीछे के मूल कारणों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
अन्य कंपनियों से तुलना:
Metroglobal का PAT ग्रोथ प्रतिशत प्रभावशाली है। तुलना के लिए, FY24 में लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनी कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) का कंसोलिडेटेड PAT लगभग ₹1,100 करोड़ था, वहीं लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित गेटवे डिस्ट्रीपार्क्स का PAT लगभग ₹226 करोड़ था। Metroglobal का FY26 का ₹22.09 करोड़ का PAT, भले ही रकम में छोटा हो, एक खास रिकवरी इवेंट के कारण बड़ी प्रतिशत उछाल दिखाता है।
