नौसेना में शामिल हुआ INS Taragiri: रक्षा निर्माण की नई उड़ान
Mazagon Dock Shipbuilders Ltd (MDL) ने April 3, 2026 को भारतीय नौसेना के लिए INS Taragiri को आधिकारिक तौर पर कमीशन किया। यह जहाज Project 17A के तहत तैयार किया गया तीसरा स्टील्थ फ्रिगेट है, जो भारत की नौसैनिक क्षमता को एक नया आयाम देगा।
क्या हैं INS Taragiri की खासियतें?
लगभग 149.02 मीटर लंबा और 17.8 मीटर चौड़ा यह फ्रिगेट, 6400 टन का डिस्प्लेसमेंट रखता है। यह 28 नॉट (knots) से अधिक की गति पकड़ने में सक्षम है और इसमें आधुनिक नौसैनिक तकनीकें और सिस्टम लगे हैं।
75% स्वदेशी, 14% कम समय में तैयारी
इस जहाज की सबसे खास बात इसका 75% स्वदेशी होना है, यानी इसके ज़्यादातर पुर्जे भारत में ही निर्मित किए गए हैं। MDL ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में भी एक रिकॉर्ड बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, INS Taragiri को उसके क्लास के पहले जहाज की तुलना में 14% कम समय में तैयार किया गया। जहाज़ का सी ट्रायल और फाइनल मशीनरी ट्रायल भी महज़ तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया गया।
आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम
INS Taragiri को नौसेना के बेड़े में शामिल करना, जटिल वॉरशिप बनाने में MDL की उन्नत क्षमताओं को दर्शाता है। यह न केवल समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करेगा, बल्कि रक्षा उत्पादन में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को भी बल देगा। MDL दशकों से भारतीय नौसेना के लिए कई महत्वपूर्ण जहाज, जैसे फ्रिगेट, डिस्ट्रॉयर और सबमरीन का निर्माण करती आ रही है।
भविष्य की राह
निवेशक और रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ अब MDL की नज़र Project 17A के बाकी जहाजों पर रहेगी। साथ ही, कंपनी को भविष्य में मिलने वाले नए ऑर्डर्स, चल रहे प्रोजेक्ट्स का समय पर निष्पादन और वित्तीय प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
