यह खरीद मार्च 20, 2026 को हुई, जिसमें किरण पोद्दार ने 2,000 शेयर खरीदे। इस ट्रांजैक्शन के बाद, प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी मामूली रूप से बढ़कर 58.74% हो गई है। यह खरीद कंपनी के डायल्यूटेड कैपिटल का 0.005% है।
अब प्रमोटर ग्रुप के पास कुल 2,55,22,329 शेयर हैं। Mayur Uniquoters का कुल शेयर कैपिटल ₹21.73 करोड़ है, जिसमें ₹5 प्रति शेयर के हिसाब से 4,34,52,600 शेयर शामिल हैं।
प्रमोटर द्वारा शेयरों की यह छोटी खरीद अक्सर कंपनी के भविष्य की संभावनाओं और वैल्यूएशन को लेकर इनसाइडर कॉन्फिडेंस का संकेत मानी जाती है। इससे यह पता चलता है कि जो लोग कंपनी के सबसे करीब हैं, वे मानते हैं कि कंपनी ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है या वर्तमान में अंडरवैल्यूड है।
यह छोटी खरीद प्रमोटर के खरीद पैटर्न में जुड़ती है, जो Artificial Leather सेक्टर में Mayur Uniquoters के बिजनेस मॉडल और मार्केट पोजीशन में लगातार विश्वास को दर्शाती है।
आपको बता दें कि 1994 में स्थापित और जयपुर स्थित Mayur Uniquoters, एडवांस 'रिलीज पेपर ट्रांसफर कोटिंग टेक्नोलॉजी' का उपयोग करके भारत की सबसे बड़ी Artificial Leather मैन्युफैक्चरर है। कंपनी ऑटोमोटिव OEM, फुटवियर और फर्निशिंग सेक्टर को सप्लाई करती है, जिसमें BMW, Mercedes Benz, Maruti Suzuki, Tata, और Mahindra & Mahindra जैसे ब्रांड शामिल हैं।
कंपनी PU कोटेड फैब्रिक्स भी बनाती है, इसका रिटेल ब्रांड 'Texture and Hues' है, और यह ग्लोबल स्तर पर अपने PU बिजनेस का विस्तार कर रही है।
Mayur Uniquoters का मुकाबला Kuraray Co. Ltd., Nan Ya Plastics Corporation, Teijin Limited, और San Fang Chemical Industry Co., Ltd. जैसी ग्लोबल कंपनियों से है। कंपनी के मुख्य बिजनेस रिस्क में रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, जो क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स से जुड़े हैं, और फॉरेन एक्सचेंज फ्लक्चुएशन्स शामिल हैं।
निवेशकों को आगे प्रमोटरों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से शेयरहोल्डिंग डिस्क्लोजर्स पर नजर रखनी चाहिए। अपकमिंग कॉल्स या रिपोर्ट्स में प्रमोटर कॉन्फिडेंस पर कोई भी कमेंट्री महत्वपूर्ण होगी। कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, PU बिजनेस एक्सपेंशन और ऑटोमोटिव व फुटवियर सेक्टर में डेवलपमेंट्स पर भी फोकस रहेगा।
