मैक्सग्रो इंडिया के FY25 नतीजे
Maxgrow India Limited ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट फाइल की है। इस रिपोर्ट में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का एक मिला-जुला चित्र सामने आया है। कंसोलिडेटेड बेस पर, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹2,969.12 लाख रहा, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹275,771.86 लाख तक पहुंच गया।
हालांकि, स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स का हाल कुछ अलग है, जहां कंपनी ने ₹(2,536.11) लाख का बड़ा लॉस बिफोर टैक्स दर्ज किया है। यह अंतर कंपनी की वर्तमान परिचालन संरचना को दर्शाता है।
इंसॉल्वेंसी से बाहर, कम्प्लायंस पर फोकस
Maxgrow India Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से सफलतापूर्वक बाहर निकलने के बाद अब रेगुलेटरी कम्प्लायंस और बोर्ड को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी 1 जून, 2026 को अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तैयारी कर रही है, जहां ऑडिटेड वित्तीय स्टेटमेंट्स पेश किए जाएंगे और नए डायरेक्टर्स व ऑडिटर की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है, जो कंपनी के CIRP के बाद की वित्तीय स्थिति और आगे की राह को दर्शाती है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट और स्टैंडअलोन लॉस के बीच बड़ा अंतर दिखाता है कि कंपनी के रेवेन्यू कहां से आ रहे हैं। कम्प्लायंस और बोर्ड पुनर्गठन पर कंपनी का जोर, इंसॉल्वेंसी के दौर के बाद कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार और स्थिरता का संकेत देता है।
पिछली परेशानियां और हल
Maxgrow India, जो पहले मेटल्स और इंडस्ट्रियल सोल्यूशन्स का कारोबार करती थी, जून 2021 से CIRP प्रक्रिया से गुजर रही थी। PP Metallix Limited द्वारा प्रस्तावित रेजोल्यूशन प्लान को दिसंबर 2023 में NCLT ने मंजूरी दी थी। कंपनी का बोर्ड दिसंबर 2024 में पुनर्गठित किया गया था और नए मैनेजमेंट ने दिसंबर के अंत में ऑपरेशन्स संभाले।
पहले कंपनी को रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी और जरूरी पदों पर नियुक्तियों में विफलता जैसी कई कम्प्लायंस समस्याओं का सामना करना पड़ा था। एक संबंधित इकाई, Maxgrow Fintrade, ने अप्रैल 2024 में SEBI के साथ फ्रंट-रनिंग ट्रेड से जुड़े मामले को लगभग ₹3 करोड़ का भुगतान करके निपटाया था। Maxgrow India के शेयर्स में ट्रेडिंग निलंबित थी, जिसके जुलाई 2025 में फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
