सीजन का समापन और भविष्य की तैयारी
Mawana Sugars ने अपने 'Mawana Sugar Works' यूनिट, जो मेरठ जिले में स्थित है, में 2025-26 सीजन के लिए गन्ने की पिसाई का काम बंद कर दिया है। यह कंपनी के लिए एक रूटीन प्रक्रिया है, जो गन्ने की खेती और कटाई के मौसमी चक्र और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग नियमों का पालन करती है।
कंपनी का विस्तृत परिचय
Shriram Group का हिस्सा Mawana Sugars, चीनी उद्योग में 75 साल से अधिक का अनुभव रखती है। कंपनी उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो शुगर यूनिट्स का संचालन करती है, जिनकी कुल गन्ने की पिसाई क्षमता 19,000 टन प्रति दिन (TCD) है। उत्तर प्रदेश में गन्ने की पिसाई का सीजन आमतौर पर नवंबर 2025 में शुरू हुआ था।
हाल ही में, दिसंबर 2025 में SEBI ने Mawana Sugars के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अंदरूनी व्यापार (insider trading) के आरोपों को खारिज कर दिया था, जिससे कंपनी पर एक बड़ा रेगुलेटरी बोझ कम हुआ। इसके अलावा, जनवरी 2025 में कंपनी पर एक बड़ा टैक्स डिमांड भी हटा दिया गया था।
आगे की राह
इस सीजन की पिसाई पूरी होने के साथ, Mawana Sugars अब अपने डाउनस्ट्रीम ऑपरेशन्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें चीनी प्रोसेसिंग, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और एथेनॉल उत्पादन जैसे संबंधित व्यवसाय शामिल हैं। साथ ही, कंपनी 2026-27 के आगामी पिसाई सीजन की तैयारी भी शुरू कर देगी। इस सीजन से मिले ऑपरेशनल नतीजे कंपनी की फुल-ईयर फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में दिखाई देंगे।
इंडस्ट्री में Mawana Sugars की स्थिति
Mawana Sugars की कुल स्थापित पिसाई क्षमता 19,000 TCD है। इंडस्ट्री में इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Dhampur Sugar Mills (क्षमता: 23,500 TCD) और Balrampur Chini Mills (क्षमता: 80,000 TCD) शामिल हैं। Triveni Engineering & Industries की कुल पिसाई क्षमता 63,000 TCD है।
हालिया वित्तीय नतीजे
फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए, Mawana Sugars ने ₹365.35 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹3.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।