Maruti Suzuki का बड़ा दांव! Khoraj में ₹10,189 Cr का मेगा प्लान, 2029 तक बढ़ेगी Production Capacity

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Maruti Suzuki का बड़ा दांव! Khoraj में ₹10,189 Cr का मेगा प्लान, 2029 तक बढ़ेगी Production Capacity
Overview

Maruti Suzuki के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी के बोर्ड ने Gujarat के Khoraj प्लांट में अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के पहले फेज को मंजूरी दे दी है। इस बड़े एक्सपेंशन के लिए **₹10,189 करोड़** का भारी-भरकम इनवेस्टमेंट किया जाएगा, जिससे **2.5 लाख** अतिरिक्त गाड़ियां प्रति वर्ष बनाने की क्षमता जुड़ेगी।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Khoraj में Maruti Suzuki का पहला बड़ा कदम

Maruti Suzuki India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 24 मार्च 2026 को Khoraj इंडस्ट्रियल एस्टेट में अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के पहले फेज को हरी झंडी दे दी है। इस प्लान के तहत, कंपनी अपनी कुल उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष 2,50,000 (2.5 लाख) गाड़ियों का इजाफा करेगी। इस महत्वाकांक्षी विस्तार के लिए ₹10,189 करोड़ का इनवेस्टमेंट होगा, जिसका पूरा फंड कंपनी की आंतरिक आय (Internal Accruals) से आएगा। नई कैपेसिटी के 2029 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है, हालांकि यह सब मार्केट की डिमांड और दूसरी परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा।

क्यों जरूरी है यह एक्सपेंशन?

यह एक्सपेंशन Maruti Suzuki के लिए इसलिए भी बहुत अहम है क्योंकि कंपनी घरेलू बाजार में बढ़ती ऑटोमोबाइल की मांग को पूरा करना चाहती है और साथ ही अपने बढ़ते एक्सपोर्ट कमिटमेंट्स को भी पूरा करना चाहती है। फिलहाल, कंपनी के हरियाणा और गुजरात में मौजूद प्लांट्स पूरी तरह से 2.4 से 2.6 मिलियन (24 से 26 लाख) यूनिट्स प्रति वर्ष की अपनी कुल कैपेसिटी पर काम कर रहे हैं। Maruti Suzuki का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक अपनी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाकर 4 मिलियन (40 लाख) यूनिट्स प्रति वर्ष तक ले जाना है। Khoraj साइट के लिए कंपनी ने पहले ₹35,000 करोड़ के बड़े निवेश की योजना बनाई थी, जिसका मकसद 10 लाख (1 मिलियन) यूनिट्स प्रति वर्ष की कैपेसिटी जोड़ना था। आज की मंजूरी उसी बड़ी योजना का पहला एक्शन लेने वाला कदम है।

क्या हैं इस अप्रूवल के मुख्य नतीजे?

  • 2.5 लाख यूनिट्स की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने का एक ठोस प्लान अप्रूव हुआ है।
  • इस फेज के लिए ₹10,189 करोड़ का इनवेस्टमेंट आंतरिक आय से किया जाएगा।
  • नई कैपेसिटी से 2029 तक प्रोडक्शन शुरू होने का लक्ष्य है।
  • यह विस्तार भविष्य की मार्केट डिमांड और एक्सपोर्ट वॉल्यूम को सपोर्ट करेगा।
  • यह Khoraj साइट पर भविष्य के एक्सपेंशन के अगले फेजों के लिए रास्ता तैयार करेगा।

जोखिम क्या है?

इस विस्तार में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि 2029 तक कैपेसिटी जोड़ने की टाइमलाइन पूरी तरह से मार्केट की कंडीशन पर निर्भर करती है।

इंडस्ट्री में क्या हो रहा है?

Maruti Suzuki का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब इसके कॉम्पिटिटर्स भी अपनी कैपेसिटी में बड़ा निवेश कर रहे हैं। Tata Motors फाइनेंशियल ईयर 30 तक अपने EV बिजनेस में ₹160-180 अरब का निवेश करने की योजना बना रहा है। Mahindra & Mahindra अपने चाकन प्लांट का विस्तार कर रहा है और 2028 तक कुल 1 मिलियन (10 लाख) यूनिट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वहीं, Hyundai India भी अपने तलेगांव प्लांट से कैपेसिटी बढ़ा रहा है, जिसका लक्ष्य 2028 तक 1.07 मिलियन (10.7 लाख) यूनिट्स प्रति वर्ष करना है। Maruti Suzuki का वर्तमान फोकस अपनी मौजूदा प्रोडक्ट लाइन्स की वॉल्यूम बढ़ाने पर है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.